भोपाल। यूजीसी के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता संबंधी नए नियमों को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। 23 सितंबर को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में यूजीसी संघर्ष समिति के बैनर तले करणी सेना, रघुवंशी, ब्राह्मण, जैन, कायस्थ और अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने नियमों में बदलाव की मांग उठाई।
रघुवंशी समाज भोपाल युवा जिला अध्यक्ष सुजीत रघुवंशी ने कहा कि समिति को नियमों में शिकायतों की जांच की समय-सीमा, समिति के प्रतिनिधित्व और शिकायत प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर इक्विटी समिति की बैठक और 15 कार्यदिवस में रिपोर्ट देने का प्रावधान संस्थानों पर दबाव बढ़ा सकता है। यूजीसी के अधिसूचित नियमों में इसके बाद संस्थान प्रमुख को सात कार्यदिवस में आगे की कार्रवाई करने का प्रावधान भी है।समिति ने 26 सितंबर को प्लेटिनम प्लाजा स्थित माता मंदिर से लोकभवन तक पदयात्रा निकालने और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।संघर्ष समिति ने झूठी शिकायतों पर दंड के प्रावधान को लेकर भी आपत्ति जताई है। इस संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 2025 के मसौदे में झूठी शिकायतों पर जुर्माने का प्रावधान था, जिसे अंतिम 2026 नियमों में हटा दिया गया।वहीं, अंतिम नियमों में इक्विटी समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन और महिला प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया गया है।