दीपावली पर 45 हजार आउटसोर्स बिजली कर्मियों के कामबंद की चेतावनी, 7 से 9 नवंबर के बीच दो दिन आंदोलन का ऐलान, बिजली कंपनियों को नोटिस


जबलपुर। मध्यप्रदेश की बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली पर दो दिन कामबंद आंदोलन की चेतावनी दी है। बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों और दीपावली पर्व पर किए गए अतिरिक्त कार्य के पारिश्रमिक को लेकर लगातार अनदेखी की जा रही है। संगठन ने 7 से 9 नवंबर के बीच दो दिन काम नहीं करने की चेतावनी देते हुए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, ट्रांसमिशन, जनरेशन और पावर मैनेजमेंट कंपनी को आंदोलन का नोटिस सौंपा है।
संगठन के प्रांतीय संयोजक एवं विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के उपाध्यक्ष नरेन्द्र भदौरिया के मुताबिक प्रदेश की छह बिजली कंपनियों में लाइन हेल्पर, संयंत्र सहायक, सब-स्टेशन एवं संयंत्र ऑपरेटर, पर्यवेक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर, मीटर रीडर, सुरक्षा सैनिक, सर्वेयर, चालक और चतुर्थ श्रेणी सहित विभिन्न पदों पर करीब 45 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

20 साल से दीपावली पर काम, अतिरिक्त पारिश्रमिक नहीं मिलने का दावा……….

संगठन का दावा है कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले करीब 20 वर्षों से दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी बिजली व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ड्यूटी करते रहे हैं। आरोप है कि करीब 90 प्रतिशत कर्मचारियों को दीपावली पर किए गए कार्य का अतिरिक्त पारिश्रमिक अब तक नहीं मिला है। संगठन ने कहा है कि लगातार मांगों के बावजूद समाधान नहीं होने पर अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया गया है।

ठेका प्रथा खत्म कर सीधे वेतन देने की मांग……..

आउटसोर्स कर्मचारियों ने ठेका व्यवस्था समाप्त कर विभाग के माध्यम से सीधे वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू करने की मांग की है। साथ ही बिजली कंपनियों में कार्यरत ठेकेदारों की भूमिका समाप्त करने और वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर रिक्त पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई है।
संगठन ने न्यूनतम वेतन में सुधार, जोखिम भत्ता और रात्रिकालीन भत्ता, अनुभवी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त पारिश्रमिक, चिकित्सा अवकाश तथा बोनस में एकरूपता की मांग की है।

दुर्घटना में मृत कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी की मांग…………

संगठन ने विद्युत दुर्घटनाओं में मृत आउटसोर्स कर्मचारियों के परिजनों को संविदा नियुक्ति देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा 33, 132 और 220 केवी सब-स्टेशनों में रात्रि पाली के दौरान सुरक्षा गार्ड और हेल्परों की पर्याप्त तैनाती तथा सभी बिजली कंपनियों में अवकाश नगदीकरण की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि लंबित मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो दीपावली के दौरान प्रस्तावित कामबंद आंदोलन किया जाएगा। इससे बिजली व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर अब बिजली कंपनियों के सामने आंदोलन टालने की चुनौती है।