जो सबमें रमे और सबको खुद में रमाए वो हैं श्रीराम
अवधपुरी गौरीघाट में रामभद्राचार्य ने की राम जनम के हेतू की व्याख्या* जबलपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म सिर्फ विप्र-धेनु, सुर-संत हित के लिए नहीं है, उनका जन्म पूरे जगत के मंगल के लिए है। श्रीरामचरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास जी ने ‘राम सत्यसंध पालक श्रुति श्रेतू-राम जनमु जग मंगल हेतू’ चौपाई में … Read more