निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पर ईओडब्लयू का शिकंजा, छापे मारी में 2.82 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति उजागर

जबलपुर। आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्लयू) जबलपुर ने नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलाराव पिता सन्यासी बारौआ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह उनके आवास और कार्यालय सहित अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईओडब्लयू की तीन टीमों ने सुबह 6 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें अब तक लगभग 2.82 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है।
ईओडब्लयू डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि पोलाराव के खिलाफ भ्रष्टाचार के माध्यम से आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

सुबह 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई ……..

ईओडब्लयू की तीन अलग-अलग टीमों ने पोलाराव के निवास मुस्कान प्लाजा के पास और कार्यालय पर एक साथ दबिश दी। जांच अधिकारियों ने घर और कार्यालय में रखे दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर आय और संपत्ति के बीच अंतर का आकलन किया जा रहा है।

करोड़ों की संपत्ति का खुलासा ………

सर्च कार्रवाई के दौरान पोलाराव एवं उनके परिजनों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियों का पता चला है। ईओडब्लयू के अनुसार अब तक सामने आई संपत्तियों में लगभग 45 लाख रुपये मूल्य का फ्लैट, 65 लाख रुपये का भूखंड, 16 लाख रुपये का घरेलू सामान, 10 लाख रुपये का बीमा निवेश, 150 ग्राम सोने के आभूषण, 232 किलोग्राम चांदी के आभूषण, एक चारपहिया वाहन और तीन दोपहिया वाहन शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार इन संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य करोड़ों रुपये में है और अभी भी दस्तावेजों की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आगे और संपत्तियों की जानकारी सामने आ सकती है।

1.19 करोड़ रुपये के लेन-देन संबंधी दस्तावेज जब्त…

कार्रवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि पोलाराव के निवास से 1 करोड़ 19 लाख 18 हजार रुपये के नगदी लेन-देन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी इन लेन-देन की प्रकृति, स्रोत और वैधता की पड़ताल कर रही है।
इसके अलावा पोलाराव और उनके परिजनों के नाम पर संचालित छह बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इन खातों में लगभग 10 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। वहीं बैंकों में लगभग 450 ग्राम सोना जमा होने की संभावना भी व्यक्त की गई है, जिसकी पुष्टि के लिए संबंधित रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

परिजनों और निवेशों की भी जांच………

ईओडब्लयू की जांच केवल पोलाराव तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिजनों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच टीम विभिन्न दस्तावेजों का सत्यापन कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं संपत्तियां परिजनों के नाम पर तो अर्जित नहीं की गईं।

जांच अभी जारी………

डीएसपी मनजीत सिंह के अनुसार सर्च कार्रवाई के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, आभूषणों, बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच अभी जारी है। अब तक उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर लगभग 2.82 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति उजागर हुई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
ईओडब्लयू अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों के विस्तृत परीक्षण और वित्तीय विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी ने अपनी वैध आय की तुलना में कितनी अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ठेकेदार भी जांच के दायरे में………..

बताया गया है कि जांच एंजेसी ने नगर निगम के एक ठेकेदार को रडार पर लिया है| ईओडब्ल्यू की टीम ठेकेदार के घर भी पहुंची जिससे संभावना को बल मिला की सहायक स्वास्थय अधिकारी और ठेकेदार के बीच लेने भी जांच के घेरे में है| यद्यपि ईओडब्ल्यू की ओर से इस संबंध में अधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया|