जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में शक्ति आराधना की अनूठी परंपरा के तहत प्रसिद्ध ‘दिवाली वाली महाकाली’ का भव्य आयोजन इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा। श्री वृहत महाकाली जन्मोत्सव परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक उत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 8 नवंबर की सुबह बड़ी महाकाली गढ़ा फाटक पहुंचेगी, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद 9 नवंबर को अमावस्या तिथि पर गढ़ा पुरवा में मां महाकाली की भव्य प्रतिमा की स्थापना की जाएगी।दिवाली वाली महाकाली’ के नाम से विख्यात यह प्रतिमा जबलपुर की विशिष्ट धार्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। प्रतिवर्ष श्री वृहत महाकाली जन्मोत्सव परिवार द्वारा इस आयोजन को पूरी भव्यता और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न कराया जाता है। परंपरा के अनुसार 8 नवंबर को सुबह बड़ी महाकाली के गढ़ा फाटक स्थित श्री वृहत महाकाली काली धाम पहुंचने पर पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद 9 नवंबर को मां काली को त्रिपुरी चौक, गढ़ा पुरवा में भव्य पंडाल में विराजमान कराया जाएगा।मां महाकाली के रौद्र और ममतामयी स्वरूप के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी प्रतिमा स्थापना को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है। स्थापना के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू होगा और पूरा क्षेत्र मां काली के जयकारों से गूंज उठेगा।आयोजन के समापन पर बारस के पावन अवसर पर मां महाकाली की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। श्री वृहत महाकाली जन्मोत्सव परिवार एवं भद्र काली जन्मोत्सव परिवार के सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजक परिवार ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों से इस धार्मिक उत्सव में शामिल होकर मां महाकाली का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।संस्कारधानी में ‘दिवाली वाली महाकाली’ का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही आस्था, परंपरा और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक है।