जबलपुर। रांझी थानांतर्गत गोकलपुर वार्ड के आजाद नगर में विगत दिनों धार्मिक आयोजन के दौरान हुए खूनी संघर्ष और पारस यादव की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर बंशकार और उसके परिजनों के कथित अवैध निर्माणों पर गुरुवार को जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में शासकीय भूमि पर बने मकानों और दुकानों सहित चिह्नित अतिक्रमणों को हटाकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की कार्यवाही की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात के बाद की गई प्रशासनिक जांच में ज्ञात हुआ था कि मुख्य आरोपी समीर बंशकार और उसके परिजनों ने नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, वाचनालय और दुर्गा मंदिर के सामने स्थित खाली शासकीय भूमि पर कथित तौर पर दुकानें और मकान बना रखे थे। इसके अलावा क्षेत्र में सुअर पालन किए जाने की बात भी सामने आई थी।
पंप हाउस पर कब्जा कर अवैध रूप से रहने और शासकीय क्वार्टरों पर भी कब्जा होने की जानकारी भी मिली थी। लिहाजा पूरी छानबीन के बाद इन अतिक्रमणों को चिह्नित करने के बाद प्रशासन ने गुरुवार को कार्रवाई शुरू की। प्रशासन की इस कार्रवाई को रविवार रात हुई वारदात के बाद क्षेत्रीय नागरिकों और कांग्रेसजनों द्वारा की गई मांगों से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब हो कि रविवार रात रांझी आजाद नगर क्षेत्र में नवरात्र के बाद भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान कुछ युवक तेज रफ्तार से बाइक लेकर वहां से निकले। स्थानीय लोगों ने उन्हें वाहन धीरे चलाने की हिदायत दी, जिससे नाराज होकर बाइक सवार युवक वहां से चला गया। आरोप है कि कुछ ही देर बाद वह अपने अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर वापस पहुंचा और विवाद शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
बीच-बचाव करने आए लोगों को भी चोटें आईं। इस दौरान चाकू से किए गए वार में दो लोगों के पैरों में गंभीर चोटें आईं, जबकि 50 वर्षीय पारस यादव के सिर में गंभीर चोट लग गई। उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था। सोमवार रात उपचार के दौरान पारस यादव की मौत हो गई।
पारस यादव की मौत के बाद आक्रोशित क्षेत्रीय नागरिकों ने व्हीकल मोड़ पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और वारदात में शामिल आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। इस दौरान प्रशासन की ओर से 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।