दशलक्षण महापर्व :मृगावती—बैर का विसर्जन’ नाटक ने दिया क्षमा और वैर-त्याग का संदेश

जबलपुर, । दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को श्री 1008 महावीर स्वामी दिगम्बर जिनमंदिर, धर्मायतन, गोल बाजार में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ उत्तम सत्य धर्म की आराधना की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक महोत्सव में सहभागिता कर भगवान जिनेंद्र देव का पूजन-अर्चन किया।महापर्व के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के अंतर्गत रविवार रात 10 बजे ‘मृगावती—बैर का विसर्जन’ नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया। भावपूर्ण अभिनय और प्रभावी संवादों के माध्यम से वैर, प्रतिशोध और मोह से उत्पन्न परिस्थितियों तथा उनके आध्यात्मिक समाधान को प्रस्तुत किया गया। नाटक ने संदेश दिया कि वास्तविक विजय दूसरों को पराजित करने में नहीं, बल्कि अपने भीतर के वैर और विकारों का विसर्जन करने में है।
नाट्य प्रस्तुति में क्षमा, संयम, करुणा और आत्मचिंतन को प्रमुखता दी दशलक्षण महापर्व के अवसर पर प्रतिदिन प्रातः और रात्रि 9 से 10 बजे तक मुंबई से पधारे विद्वान पंडित श्री विपिन शास्त्री के सानिध्य में शास्त्र स्वाध्याय कराया जा रहा है।25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर 12वें तीर्थंकर श्री वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी जिनबिंबों का सामूहिक वार्षिक जलाभिषेक किया जाएगा।27 सितंबर, रविवार को पाटन रोड स्थित ‘ज्ञानायतन’ जिनमंदिर में क्षमावाणी पर्व का भव्य आयोजन होगा। इसमें जबलपुर के जैन परिवार परस्पर क्षमा मांगने और क्षमा प्रदान करने के साथ मैत्री, सद्भाव एवं आत्मशुद्धि का संदेश देंगे।सभी धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन श्री वीतराग विज्ञान मंडल एवं जैन युवा फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे हैं।