लोकायुक्त ने  8 हजार की रिश्वत लेते ऑडिट ऑफिसर के सहआरोपी को रंगे हाथ पकड़ा

नरसिंहपुर।  लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने नरसिंहपुर स्थित विपणन सहकारी समिति मर्यादित कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को ₹8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई में ऑडिट ऑफिसर की भूमिका भी सामने आई है। मामले में दो आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त एसपी अंजूलता  ने बताया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक अशोक कुमार पटेल, निवासी ग्राम मेघ, तहसील गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर, की सेवा सहकारी समिति बरहटा का वर्ष 2025-26 का ऑडिट किया जा रहा था। आरोप है कि कार्यालय उपआयुक्त सहकारी संस्थाएं, नरसिंहपुर में पदस्थ ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह ने ऑडिट पूरा करने और ऑडिट में आपत्ति नहीं लगाने के एवज में आवेदक से ₹20 हजार की रिश्वत की मांग की थी।रिश्वत की मांग से परेशान आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह ₹8 हजार की रिश्वत लेने के लिए तैयार हुए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।21 सितंबर को विपणन सहकारी समिति मर्यादित, नरसिंहपुर के कार्यालय में सहआरोपी अमित श्रीवास्तव को ₹8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान ऑडिट ऑफिसर राजेंद्र सिंह की उपस्थिति का उल्लेख भी लोकायुक्त की जानकारी में किया गया है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, मामले में राजेंद्र सिंह  पद-ऑडिट ऑफिसर, कार्यालय उपआयुक्त सहकारी संस्थाएं, नरसिंहपुर तथा अमित श्रीवास्तव , प्रभारी प्रबंधक, विपणन सहकारी समिति मर्यादित, नरसिंहपुर को आरोपी बनाया गया है।आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(B), 13(2) एवं बीएनएस की धारा 61(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। ट्रैप दल में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।