चेरीताल में क्षतिग्रस्त नाला बना मौत का कुआं

जबलपुर। शहर के चेरीताल क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित पक्के नाले का स्लैब करीब एक साल से क्षतिग्रस्त पड़ा है। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण यह नाला हादसों को न्योता दे रहा है। स्थिति यह है कि नाले में गिरने से एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद मौके पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, चेरीताल में सड़क किनारे बने पक्के नाले पर नगर निगम ने एनएमटी का निर्माण कराया था। इसका स्लैब टूटने के बाद से ही यह हिस्सा खतरनाक बना हुआ है। खुले और क्षतिग्रस्त नाले के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, नाले से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि क्षतिग्रस्त स्लैब की मरम्मत कराने के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन करीब एक साल बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। नाले के आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द मरम्मत कराने और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है।
मामले को जनहित में संज्ञान में लेते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इसे प्रथम दृष्टया मानव अधिकारों के उल्लंघन का मामला माना है। आयोग की मुख्यपीठ भोपाल में सुनवाई के दौरान अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की एकलपीठ ने नगर निगम जबलपुर के आयुक्त को मामले की जांच कराने और की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय की प्रभारी फरजाना मिर्जा ने यह जानकारी दी। अब नगर निगम की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।