जबलपुर। नेशनल हॉस्पिटल के संचालक एवं डायरेक्टर तथा प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. आनंद तिवारी का रविवार को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से चिकित्सा जगत के साथ-साथ साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रानीताल मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां विभिन्न वर्गों के लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। वे हिमांशु तिवारी सुधांशु तिवारी के पिताजी थेडॉ. आनंद तिवारी चिकित्सा सेवा के साथ-साथ सामाजिक और साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वे गुंजन कला सदन के प्रांतीय अध्यक्ष थे तथा शहर की अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए थे। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी के चलते उन्होंने समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।उनके निधन की खबर मिलते ही चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों, कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों तथा उनके शुभचिंतकों में शोक व्याप्त हो गया। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन एवं अंतिम यात्रा में शामिल हुए।रानीताल मुक्तिधाम पहुंची अंतिम यात्रा में समाज के सभी वर्गों के लोगों की मौजूदगी रही। हर किसी की आंखें नम थीं और लोगों ने डॉ. आनंद तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सेवा कार्यों और सामाजिक योगदान को याद किया।डॉ. तिवारी के निधन को चिकित्सा जगत के साथ-साथ सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र के लिए भी एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके परिचितों और शुभचिंतकों ने कहा कि समाजसेवा, चिकित्सा और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।