देव जी नेत्रालय को डीएनबी की चार सीटों की मंजूरी, नीट-पीजी 2026 की मेरिट के आधार पर होंगे प्रवेश : डॉ.स्थापक


जबलपुर। महाकौशल अंचल के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थान दादा वीरेंद्र पुरी जी नेत्र संस्थान (देव जी नेत्रालय), जोधपुर-तिलवारा घाट ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के लिए डीएनबी (नेत्र चिकित्सा) की चार सीटों की स्वीकृति मिली है। इस उपलब्धि के साथ देव जी नेत्रालय अब उत्कृष्ट नेत्र उपचार सेवाओं के साथ उच्च चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई भूमिका निभाएगा।

इस आशय की जानकारी डॉ पवन स्थापक ने यहां देवजी नेत्रालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान दी| उन्होंने बताया कि इन चार सीटों पर नीट-पीजी 2026 की मेरिट सूची और निर्धारित प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र के चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए नेत्र चिकित्सा में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का एक नया अवसर उपलब्ध होगा।

इस अवसर पर श्रीमति अनुपमा स्थापक, डॉ आयुष टंडन, डॉ. अपूर्वा स्थापक, एडवोकेट अर्पणा स्थापन, डॉ.सोनिया टंडन, डॉ इंदु पांडे, डॉ श्रुति चौधरी, डॉ मोहिनी पटेल, डॉ सुरभि पटेल, डॉ प्रांजल जैन, डॉ प्रिया जैन, डॉ रितु मनवानी सहित संस्थान के सभी महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहे|


डॉ.स्थापक ने बताया कि डीएनबी यानी डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की प्रतिष्ठित उपाधियों में शामिल है। इसका संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाली स्वायत्त संस्था है। डीएनबी पाठ्यक्रम में चिकित्सकों को रोगियों के उपचार के साथ-साथ व्यावहारिक और शल्य चिकित्सा का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है। नेत्र चिकित्सा जैसे विशेष क्षेत्र में प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नेत्र रोगों के निदान, उपचार और शल्य प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है।

एमबीबीएस के बाद प्रवेश का अवसर………

डीएनबी नेत्र चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए निर्धारित राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया का पालन किया जाता है। एमबीबीएस के बाद नीट-पीजी में पात्रता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी निर्धारित परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश और पात्रता से संबंधित अंतिम नियम संबंधित प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।

जबलपुर के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि…….

देव जी नेत्रालय को डीएनबी की चार सीटों की स्वीकृति मिलने को संस्थान की चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ जबलपुर के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे शहर में उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा प्रशिक्षण का विस्तार होगा और भविष्य में प्रशिक्षित नेत्र चिकित्सकों की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।


संस्थान के निदेशक डॉ. पवन स्थापक ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डीएनबी की चार सीटों की स्वीकृति संस्थान के चिकित्सकों और पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देव जी नेत्रालय का उद्देश्य विश्वस्तरीय और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी गुणवत्तापूर्ण योगदान देना है। उन्होंने जबलपुर और आसपास के लोगों से मिले निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।