मेडिकल के एनाटॉमी विभाग में सर्प दिखने से मची भगदड़


जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में सोमवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा में पढ़ाई के दौरान छात्रों की नजर अचानक फर्श पर लहराते हुए एक सांप पर पड़ गई। सांप को देखते ही कक्षा में चीख-पुकार मच गई और छात्र अपनी-अपनी सीट छोड़कर बाहर निकलने लगे। कुछ ही देर में प्रोफेसर भी कक्षा से बाहर आ गए। मेडिकल कॉलेज की कक्षा में सांप निकलने की खबर फैलते ही परिसर में भी हलचल मच गई। घटना की जानकारी मिलने पर सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी गई। वे तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचे और सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बरगी के जंगल में छोड़ दिया गया। सांप के कक्षा से बाहर निकलने और रेस्क्यू होने के बाद छात्रों तथा शिक्षकों ने राहत की सांस ली।

पढ़ाई के बीच अचानक दिखाई दिया सांप………..

बताया गया है कि एनाटॉमी विभाग की कक्षा में प्रतिदिन की तरह सुबह पढ़ाई चल रही थी। प्रोफेसर छात्रों को पढ़ा रहे थे, तभी एक छात्र की नजर कक्षा में प्रवेश कर रहे सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही छात्र ने शोर मचाकर आसपास बैठे साथियों को इसकी जानकारी दी। कुछ ही क्षणों में कक्षा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्रों ने तत्काल प्रोफेसर डॉ. सुनील अग्रवाल को सांप के बारे में बताया। इसके बाद सभी को कक्षा से बाहर निकाला गया और सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को फोन कर सूचना दी गई।

धामन प्रजाति का था सांप……..

मौके पर पहुंचे सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि यह धामन प्रजाति का सांप था, जिसे सामान्य तौर पर रैट स्नेक भी कहा जाता है। क्षेत्र में इसे घोड़ा पछाड़ और अषाढ़िया जैसे स्थानीय नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि धामन सांप मुख्य रूप से चूहों का शिकार करता है। यह जहरीला सांप नहीं होता और सामान्य तौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखता है। इसे छेड़ने या पकड़ने का प्रयास करने पर ही इसके द्वारा बचाव में प्रतिक्रिया किए जाने की संभावना रहती है।

रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा……….

सर्प विशेषज्ञ ने सांप को बिना नुकसान पहुंचाए कक्षा से बाहर निकाला और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बरगी के जंगल में छोड़ दिया। घटना के दौरान किसी छात्र या शिक्षक को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। कुछ देर तक सांप के कक्षा में होने से बना डर और अफरा-तफरी उसके सुरक्षित रेस्क्यू के बाद पूरी तरह शांत हो गई।