जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने विद्युत कंपनियों में कार्यरत कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए मोर्चा खोल दिया है। संघ की ओर से गुरुवार, 22 अक्टूबर को शक्ति भवन, रामपुर स्थित जबलपुर में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और प्रमुख सचिव ऊर्जा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन संबंधित विद्युत कंपनियों के प्रबंध संचालकों को दिया गया।
संघ ने शासन और विद्युत कंपनियों के प्रबंधन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर 25 अक्टूबर को भोपाल में प्रदेशभर के कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायक अभियंता एकजुट होकर ध्यानाकर्षण धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है।
### पदोन्नति और वेतनमान में समानता की मांग
संघ के पदाधिकारियों अशोक जैन और नृपेंद्र सिंह ने कहा कि विद्युत अभियंता विषम परिस्थितियों में काम करते हुए प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी कई सेवा संबंधी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
ज्ञापन में पदोन्नत सहायक अभियंताओं को कार्यपालन यंत्री के पद पर पदोन्नति का अवसर देने, कनिष्ठ यंत्री संवर्ग में सेवाकाल के दौरान कम से कम तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित करने और रिक्त पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। वर्ष 2018 के बाद नियुक्त कनिष्ठ यंत्रियों की वेतन विसंगतियां दूर कर उन्हें पूर्ववर्ती कर्मचारियों के समान वेतनमान और ग्रेड-पे देने की मांग भी की गई है।
संविदा अभियंताओं के नियमितीकरण पर जोर
संघ ने संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ यंत्रियों को नियमित करने तथा विभागीय अनुमति से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने वाले तकनीकी कर्मचारियों को कनिष्ठ यंत्री के पद पर नियमित नियुक्ति देने की मांग की है। इसके अलावा विद्युत दुर्घटनाओं के मामलों में तकनीकी जांच के बाद ही संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
विभागीय कार्रवाई में तय प्रक्रिया अपनाने की मांग
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मैदानी स्तर पर तैनात अभियंताओं को कई बार कारण बताओ नोटिस, चार्जशीट और दंडात्मक कार्रवाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ ने मांग की है कि विभागीय कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया और पारदर्शिता का पालन हो तथा अनावश्यक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
भोपाल में जुटेंगे प्रदेशभर के अभियंता
संघ ने शासन से 11 सूत्रीय मांग पत्र पर समय रहते सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों की लगातार अनदेखी से अभियंताओं में असंतोष बढ़ रहा है। 25 अक्टूबर को भोपाल में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के माध्यम से शासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अशोक जैन, नृपेंद्र सिंह, मुकेश जैन, के.ए.पी.एस. चौहान, प्रमोद बेहरे, के.के. असाटी, स्वर्ण सिंह मनकोटिया, रंजन पांडे, गोस्वामी, मनीष तिवारी, जितेंद्र वर्मा, प्रभाकर सहित संघ के अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। ऐसी स्थिति के लिए संघ ने शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।