जबलपुर- चौदह वर्षों का विरह, आंखों में प्रतीक्षा और हृदय में भ्रातृप्रेम का अथाह सागर! जैसे ही गढ़ा रामलीला के सिद्ध मंच पर प्रभु श्रीराम और भरत का मिलाप हुआ, पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। किसी की आंखें नम थीं, तो कोई इस अलौकिक दृश्य को अपलक निहार रहा था। श्री रामलीला समिति गढ़ा द्वारा प्रस्तुत श्रीराम-भरत मिलाप की लीला ने भाई के प्रति भाई के त्याग, समर्पण और अटूट प्रेम की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण की अयोध्या वापसी पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। नरेंद्र तिवारी, दिनेश उपाध्याय गुड्डू भैया, डॉ. छाया अरुण मिश्रा, वाजपेयी परिवार,अमित यादव, उर्मिला यादव,जालिम सिंह, ब्रजेश पांडे, पप्पन सोनी एवं के.के. तिवारी परिवार ने प्रभु का स्वागत-अभिनंदन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
मिलाप के दृश्य ने बांधा समां, भावनाओं में डूबे दर्शक
भरत मिलाप की परंपरा के अंतर्गत पूर्व पार्षद दिलीप पटेल, भोलाराम खत्री, महेंद्र कर्ण, अनिल शुक्ला, हनुमंत सिंह रघुवंशी,डॉ. भूपेंद्र उपाध्याय, सुनील दुबे, घनश्याम गोस्वामी, राजेश सोनी,देवी सिंह पटेल,जगदीश मिश्रा, विजय नोरिया, संतोष चौबे एवं जितेंद्र सोनी ने भगवान श्रीराम का पूजन-अर्चन किया।
सह-निर्देशक मोती शिवहरे, मुकेश मिश्रा,व्यास माधव दुबे एवं सह व्यास राकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में कलाकारों ने पात्रों को सजीव कर दिया। श्रीराम के रूप में सूर्यांश शुक्ला, भरत के रूप में आराध्य गोस्वामी, लक्ष्मण के रूप में नमन त्रिपाठी, शत्रुघ्न के रूप में अनय शुक्ला, सीता के रूप में अम्बेश उपाध्याय तथा हनुमान के रूप में हर्ष गोस्वामी के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
60 वर्षों की परंपरा में आस्था और संस्कृति का संगम
गढ़ा रामलीला की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सिद्ध मंच पर आयोजित यह प्रसंग दर्शकों के लिए केवल धार्मिक लीला नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कारों, त्याग और मर्यादा का संदेश भी बना।
इस अवसर पर समिति के संचालक अशोक मनोध्याय, अध्यक्ष एवं निर्देशक राजेश मिश्रा, महामंत्री एडवोकेट अरुण दीक्षित, राकेश पाठक, लोकराम कोरी, राजेंद्र प्यासी, उमाशंकर मिश्रा, नीलेश चौबे, हरीश मनोध्याय, राजेश नेमा, दिनेश मिश्रा, संजय तिवारी, प्रमोद तिवारी, श्रीमती नीना भूपेंद्र उपाध्याय, इंदुलता प्यासी, देवेंद्र मनोध्याय, विजय नेमा, के.सी. पस्तारिया, पंकज अवस्थी, गणपत कोष्टा, हनुमंत सिंह रघुवंशी, राजेश परोहा, नरेश मिश्रा, सम्राट पांडे, राजा पांडे, जितेंद्र सोनी, नितिन पटेल, पंचम सोनी, दीपक कोष्टा, मदन चौरसिया सहित समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे
दिनांक 23/10/26 को श्रीराम राज्याभिषेक एवं वानरों की विदाई की रोचक लीला का मंचन होगा। समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रभु की लीला का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।