जबलपुर। मेहनत, सही मार्गदर्शन और बेहतर प्लेटफॉर्म मिले तो आर्थिक परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं। जबलपुर पुलिस की ‘एसपी की पाठशाला’ इस बात को लगातार साबित कर रही है। पुलिस लाइन में संचालित निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर चयनित 10 अभ्यर्थियों को सोमवार को पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय ने सम्मानित किया।
पुलिस कंट्रोल रूम जबलपुर में आयोजित सम्मान समारोह में पुलिस अधीक्षक ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा सहित प्रशिक्षक, चयनित अभ्यर्थी और उनके परिजन मौजूद रहे।
कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता……….
‘एसपी की पाठशाला’ के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे काजल गुप्ता, अंजनी भूमिया, सुप्रिया यादव, स्मिता ठाकुर, प्रयास नामदेव, अनुराग तंतुवाय, योगेश सिंह राजपूत, शुभम सिंह, आशीष आर्य और प्रीति पटेल का चयन मध्यप्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर हुआ है। इनमें आशीष आर्य वर्तमान में जीआरपी जबलपुर में आरक्षक तथा प्रीति पटेल दिल्ली पुलिस में आरक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। दोनों ने पुलिस सेवा में रहते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की।
‘सफल नहीं हुए तो निराश न हों’……..
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सभी अभ्यर्थी बधाई के पात्र हैं। जो विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। लगन और मेहनत के साथ प्रयास जारी रखें, सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, उसी तरह कड़ी मेहनत और संघर्ष से व्यक्ति निखरता है। चयनित अभ्यर्थी भी कठिन परिश्रम करते हुए यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
2020 से चल रही है एसपी की पाठशाला………..
पुलिस परिवार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस लाइन में ‘एसपी की पाठशाला’ वर्ष 2020 से संचालित है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ शारीरिक एवं मैदानी प्रशिक्षण भी निःशुल्क दिया जाता है।
इस पहल की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021 में 8, वर्ष 2022 में 41, वर्ष 2023 में 32, वर्ष 2024 में 43, वर्ष 2025 में 102 और वर्ष 2026 में अब तक 133 अभ्यर्थी शासकीय सेवाओं में चयनित हो चुके हैं। वर्ष 2021 से अब तक कुल 359 विद्यार्थी सरकारी सेवा में चयनित हो चुके हैं।
170 विद्यार्थी ले रहे प्रशिक्षण………
वर्तमान में ‘एसपी की पाठशाला’ में 120 विद्यार्थी थ्योरी क्लास और 50 विद्यार्थी फिजिकल क्लास का लाभ ले रहे हैं। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों एवं पुलिस विभाग के प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के व्याख्याता डॉ. आशीष यादव द्वारा नागरिक शास्त्र, सहकारिता विभाग के विकास तिवारी द्वारा इतिहास, भारतीय रेलवे के कमलेश इंगले द्वारा एडवांस मैथ्स, शुभम चतुर्वेदी द्वारा मैथ्स एवं रीजनिंग, रोहित कुशवाह द्वारा अर्थशास्त्र तथा अंकित चक्रवर्ती द्वारा योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके अलावा रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक योगेश चौकसे, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र पटेल, आरक्षक सतीश डेहरिया, उपेंद्र गौतम, रमन पटेल, जय प्रकाश तिवारी, राहुल ठाकुर, नीतेश श्रीवास, महिला आरक्षक दीक्षा सिंह और रेलवे पुलिस आरक्षक सुशांत पटेल सहित अन्य प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों एवं फिजिकल ट्रेनिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।