जबलपुर। देश की स्वतंत्रता चेतना को स्वर देने वाले अमर राष्ट्रकवि एवं प्रसिद्ध ‘झंडा गीत’ के रचयिता पद्मश्री स्वर्गीय श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ की 130वीं जयंती 9 सितंबर को देशभर में श्रद्धा और गौरव के साथ मनाई जाएगी। राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने वाले श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ का योगदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण के इतिहास में विशिष्ट स्थान रखता है।उनकी लेखनी से निकला ‘झंडा गीत’ लंबे समय तक देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना का सशक्त स्वर बना रहा। यही कारण है कि उनकी जयंती केवल एक समाज या संगठन का आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज और स्वतंत्रता चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बन चुकी है।
श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ का जीवन इस बात का उदाहरण है कि साहित्य और लेखनी किस प्रकार समाज में राष्ट्रीय चेतना का संचार कर सकती है। उनके साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया।
जबलपुर में दोसर वैश्य समाज करेगा भव्य आयोजन
श्री दोसर वैश्य समाज की ओर से राष्ट्रकवि श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ की 130वीं जयंती पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 9 सितंबर 2026, बुधवार को सुबह 9 बजे सिविक सेंटर पार्क, समदड़िया मॉल के सामने श्री दोसर वैश्य शाखा सभा जबलपुर के पदाधिकारी एवं सामाजिक बंधु एकत्रित होंगेकार्यक्रम में राष्ट्रकवि श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके पश्चात सभी उपस्थितजन द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत ‘झंडा गीत’ का सामूहिक गायन किया जाएगा।श्री दोसर वैश्य शाखा सभा जबलपुर के अध्यक्ष रमेंद्र गुप्ता ने समाज के सभी बंधुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर समाज के गौरव और राष्ट्रकवि श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद जी’ के प्रति सम्मान व्यक्त करने की अपील की है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को समाज के गौरवशाली इतिहास, राष्ट्रभक्ति और महापुरुषों के योगदान से परिचित कराने का माध्यम हैं। समाजजनों की सहभागिता ही ऐसे आयोजनों को व्यापक स्वरूप प्रदान करती है।