जबलपुर। साइबर ठगों ने शहर में अलग-अलग तरीकों से लोगों को लालच और भरोसे के जाल में फंसाकर लाखों रुपये साफ कर दिए। कहीं शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया गया तो कहीं कनाडा का वीजा दिलाने के नाम पर रकम ऐंठी गई। तीन मामलों में पीड़ितों से कुल 14 लाख 80 हजार 233 रुपये की ऑनलाइन ठगी सामने आई है।
₹2.93 लाख का ट्रेडिंग जाल
रांझी थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय देवांश सेन को टेलीग्राम पर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से विज्ञापन मिला। ठगों ने ₹10 हजार निवेश पर ₹50 हजार लौटाने का लालच दिया। इसके बाद कमीशन, जीएसटी, अकाउंट वेरिफिकेशन, करेंसी एक्सचेंज और डेटा एरर जैसे बहाने बनाकर लगातार भुगतान कराया गया। पीड़ित से अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹2,93,363 ठग लिए गए। जब फिर ₹1.30 लाख की फाइल फीस मांगी गई, तब उसे ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
₹5.71 लाख, मुनाफा सिर्फ स्क्रीन पर
रांझी में ही हेमलता यादव को मैसेजर ग्रुप के जरिए शेयर बाजार में भारी मुनाफे का सपना दिखाया गया। खुद को सेबी रजिस्टर्ड एफपीआई बताकर भरोसा जीता और अलग-अलग बैंक खातों व यूपीआई पर रकम जमा कराई गई। पीड़िता ने कुल ₹5.71 लाख निवेश किए। फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में करीब ₹1.95 लाख का मुनाफा भी दिखाया गया, लेकिन रकम निकालने की कोशिश की तो नए बहाने शुरू हो गए। आईपीओ के नाम पर भी बड़ी रकम लगाने को कहा गया। यहीं पीड़िता को साइबर ठगी की भनक लगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कनाडा का सपना, ₹8.15 लाख गायब
पाटन थाना क्षेत्र में मैकेनिक शेख रमजान को कनाडा भेजने और 10 साल काम कराने का झांसा देकर ठगी की गई। ठगों ने पहले वीजा के नाम पर ₹15 हजार मांगे, फिर वीजा कैंसल होने का डर दिखाकर अलग-अलग खातों में लगातार रकम ट्रांसफर कराते रहे। पीड़ित ने दोस्तों से उधार लेकर भी भुगतान किया। करीब चार महीने तक चले इस खेल में उससे ₹8,15,870 ठग लिए गए। और रकम मांगे जाने पर उसे समझ आया कि कनाडा का सपना दिखाने वाले ठगों ने उसकी जमा-पूंजी ही उड़ा दी। पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।चाहें तो इसे मैं और ज्यादा धारदार “क्राइम बुलेटिन” स्टाइल में बना सकता हूं—जहां हर केस की हेडिंग 4–6 शब्द की हो और पूरी खबर 250–300 शब्दों में सिमट जाए।