बीमारी ने छीना रोजगार, लेकिन संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी परिवार की उम्मीद

जबलपुर: जबलपुर के त्रिमूर्ति नगर निवासी राजेन्द्र विश्वकर्मा पेशे से ट्रक चालक हैं। परिवार की जिम्मेदारियां संभालकर जीवन आगे बढ़ रहा था, लेकिन अचानक आई बीमारी ने उनकी परेशानियां बढ़ा दीं। पैर में चोट लगने के बाद उन्हें गैंगरीन हो गया, जिसके चलते डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया। उपचार के बाद भी वे पिछले चार महीनों से काम पर नहीं जा सके। रोजगार बंद होने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई और दवाइयों के लिए पैसे जुटाना भी मुश्किल हो गया।राजेन्द्र विश्वकर्मा की पत्नी रजनी विश्वकर्मा भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही हैं। उन्हें दाहिने अंग में पैरालिसिस है, जिसके कारण वे घर के दैनिक कार्य भी स्वयं नहीं कर पातीं। एक ओर पति बीमारी के कारण रोजगार से दूर हैं, वहीं दूसरी ओर पत्नी की असमर्थता ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ऐसे समय में घर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी उनके लिए चुनौती बन गया।इसी कठिन परिस्थिति में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत 22 सितंबर 2026 को राजेन्द्र विश्वकर्मा के परिवार तक राशन सामग्री पहुंचाई गई। जब परिवार बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच जीवन गुजार रहा था, तब भोजन की आवश्यक सामग्री मिलना उनके लिए राहत का कारण बना।यह सहायता केवल राशन सामग्री तक सीमित नहीं, बल्कि कठिन समय में जरूरतमंद परिवार के साथ खड़े होने की भावना को भी दर्शाती है। जिस समय परिवार को सबसे अधिक सहारे की आवश्यकता थी, उस समय अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से मिली मदद ने उनकी चिंता कुछ कम की।ऐसी सेवा देखकर यह विचार मन में आता है कि जरूरतमंद की वास्तविक आवश्यकता को समझकर उसके घर तक सहायता पहुंचाना ही सच्ची मानवता का सुंदर उदाहरण है। संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से की जा रही यह पहल जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और संवेदना का संदेश देती है।यदि आपके आसपास भी ऐसा कोई परिवार है, जो दो वक्त की रोटी जुटाने में असमर्थ है, जिसके घर में रोजगार का साधन नहीं है या जिसे आर्थिक परेशानी के कारण भूखे सोने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, तो आप संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के इन 9111459548, 9111459549 नंबरों पर संपर्क कर उस परिवार की सहायता कर सकते हैं।