

जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर नाराजगी जताई है। संघ का आरोप है कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शासन के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों को क्रमोन्नति, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। संघ जल्द ही संभागीय आयुक्त को शिकायती पत्र सौंपेगा।
जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया कि 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। सहायक ग्रेड-3 लिपिकों को सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं होने के आधार पर क्रमोन्नत वेतनमान और पदोन्नति से वंचित किया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्ति के कई प्रकरण भी लंबित हैं। वहीं कई शासकीय स्कूलों में सफाईकर्मी और चपरासी नहीं हैं।
जिला सचिव देवेंद्र पचौरी ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग के 19 जून 2025 के आदेश के अनुसार कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं की गई है। जिले की कई प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में अवैध अतिक्रमण की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर संघ संभागीय आयुक्त को शिकायत सौंपेगा।
कोषाध्यक्ष आलोक अग्निहोत्री ने कहा कि कर्मचारियों को पासबुक और सेवा पुस्तिका की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। वार्षिक कटौती और जमा जीपीएफ की पर्चियां भी नियमित रूप से नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि तकनीकी कारणों से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर कर्मचारी को अनुपस्थित न माना जाए और उस दिन का वेतन दिया जाए। साथ ही चिकित्सा संबंधी बाह्य एवं अंतर्विभागीय बिलों का भुगतान समय-सीमा में करने की मांग की गई।
संघ पदाधिकारियों ने शासन के आदेशों के अनुसार कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने और कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।