जब दूसरे शहरों के बच्चे जबलपुर पढ़ने आ रहे हैं, तो हमारे बच्चे बाहर क्यों जा रहे हैं?
पड़ोस के मल्होत्रा जी या वर्मा जी का बच्चा बाहर पढ़ रहा है, तो हम भी अपने बच्चे को जबलपुर से बाहर भेजेंगे। धीरे-धीरे यह धारणा बन गई है कि “इस शहर में कुछ नहीं है।”यही सोच हमारे शहर को बौद्धिक पलायन की ओर ले जा रही है। सवाल यह है कि बच्चे को बाहर … Read more