जबलपुर में धड़ल्ले से बिक रहे प्रतिबंधित पटाखे


जबलपुर। शहर में प्रतिबंधित पटाखों की कथित बिक्री और खतरनाक आतिशबाजी के बेरोकटोक इस्तेमाल को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सवाल उठाए हैं। मंच का आरोप है कि जबलपुर में फर्जी ग्रीन पटाखों के साथ प्रतिबंधित पटाखे भी बेचे जा रहे हैं। यहां तक कि खतरनाक चायनीज पटाखों और आसमान में उड़ने वाले लॉलटेन पटाखों का भी बिना रोक-टोक उपयोग हो रहा है।
मंच के प्रतिनिधियों ने इस मामले में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से चर्चा के बाद ज्ञापन सौंपकर प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के 29 अक्टूबर 2021 और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 12 मई 2026 के आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रतिबंधित और खतरनाक पटाखों की बिक्री रोकने के साथ विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। इसके तहत पटाखों की जांच, आवाज के स्तर की टेस्टिंग और विक्रेताओं से अंडरटेकिंग लेना जरूरी बताया गया है।
मंच का कहना है कि शहर में पटाखों की जांच और उनकी आवाज की टेस्टिंग नहीं हो रही है। यहां तक कि पटाखा विक्रेताओं से आवश्यक अंडरटेकिंग भी नहीं ली गई है। ऐसे में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चिंता जताई गई है।

आदेशों का पालन कराने का आश्वासन……..

कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जल्द निर्देश जारी किए जाएंगे।
ज्ञापन के दौरान डॉ. पी.जी. नजपांडे, रजत भार्गव, सुभाष चंद्रा, संतोष श्रीवास्तव, सुशीला कनीजिया, अशोक यादव, यशवंत कोठा, जी.एस. सोनकर और राममिलन शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।