कटनी नगर निगम का बाबू 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, प्लॉट की एनओसी जारी करने के एवज में मांगे थे 25 हजार रुपये 

कटनी। नगर निगम में प्लॉट की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए नगर निगम के द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई नगर निगम की संपदा शाखा स्थित कक्ष क्रमांक 41 में की गई। आरोपी पर आवेदक से एनओसी जारी करने के एवज में 25 हजार रुपये मांगने का आरोप है। बातचीत के बाद वह 20 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गया था।

बैंक से लोन लेने के लिए चाहिए थी एनओसी……..

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक अशोक कुमार कनकने (69), निवासी शक्तिनगर, कटनी ने वर्ष 2025 में नगर निगम से 2,000 वर्गफुट का प्लॉट लीज पर लिया था। इस प्लॉट पर गोदाम बनाने के लिए उन्हें बैंक से ऋण की आवश्यकता थी। इसके लिए वह बैंक ऑफ बड़ौदा पहुंचे, जहां बैंक प्रबंधन ने ऋण प्रक्रिया के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लाने को कहा।

इसके बाद आवेदक ने 24 सितंबर 2026 को नगर निगम में एनओसी के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आरोप है कि नगर निगम में पदस्थ द्वितीय श्रेणी लिपिक आलोक गर्ग ने एनओसी जारी करने के बदले उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बातचीत के दौरान सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ। आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की।

कक्ष क्रमांक 41 में बिछाया जाल………..

शिकायत के आधार पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 23 अक्टूबर को नगर निगम की संपदा शाखा में कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी आलोक गर्ग ने आवेदक से 20 हजार रुपये प्राप्त किए, टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।

आरोपी आलोक गर्ग के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है।। ट्रैप दल में टीएलओ रेखा प्रजापति, निरीक्षक राहुल गजभिये, निरीक्षक शशि मस्कुले सहित लोकायुक्त जबलपुर इकाई के अन्य सदस्य शामिल रहे।