जबलपुर। नवरात्र में संस्कारधानी का माहौल भक्तिमय हो गया है। शहर से लेकर गांवों तक दुर्गा पंडालों में माता रानी की आराधना हो रही है। जिले में करीब 1800 दुर्गा और महाकाली प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इनमें ग्रामीण थाना क्षेत्रों में 1349 और शहरी क्षेत्रों में 451 प्रतिमाएं विराजित हैं। प्रमुख पंडालों में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम ढलते ही सड़कों और कॉलोनियों में चहल-पहल बढ़ने लगती है और देर रात तक भक्त देवी दर्शन के लिए निकलते रहते हैं।
शहर के प्रमुख देवी पंडालों के साथ मोहल्लों और बस्तियों में भी नवरात्र की रौनक दिखाई दे रही है। बूढ़ी खेरमाई, बड़ी खेरमाई, हनुमानताल और पड़ाव वाली महाकाली सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। छोटा फुहारा क्षेत्र में गोविंदगंज रामलीला देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रामलीला और अन्य धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। नवरात्र के आगामी दिनों में षष्ठी से नवमी तक देवी दर्शन के लिए लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
शहर से गांवों तक सजे माता के दरबार ……….
दुर्गा प्रतिमाओं की संख्या से जिले में नवरात्र के व्यापक आयोजन का अंदाजा लगाया जा सकता है। शहरी क्षेत्रों के बड़े पंडालों से लेकर ग्रामीण अंचलों के सार्वजनिक स्थलों तक माता की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। श्रद्धालु परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पंडालों में पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आयोजनों का सिलसिला भी जारी है। आने वाले दिनों में नवरात्र का उत्साह और बढ़ने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था ……..
देवी दर्शन के लिए देर रात तक लोगों के निकलने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भी प्रमुख पंडालों और मार्गों पर निगरानी बढ़ाई है। एसपी संपत उपाध्याय ने थाना प्रभारियों, सीएसपी और एसडीओपी को अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस गश्त के साथ दुर्गा समितियों को पंडालों में रेत-पानी से भरी बाल्टियां और अग्निशमन यंत्र रखने के लिए कहा गया है, ताकि नवरात्र के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकें।