जबलपुर। कटंगी थाना क्षेत्र के बेलखाड़ू के खैरी गांव स्थित अश्वनी अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत के मामले में पुलिस ने अस्पताल में इलाज करने वाले सतीश साहू के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैरइरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक को बिना उचित जांच के इंजेक्शन और दवाइयां दी गईं तथा उसे चढ़ाई गई ड्रिप की एक्सपायरी डेट नवंबर 2025 थी। मामले की जांच के दौरान चिकित्सा विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इलाजकर्ता के पास चिकित्सा संबंधी डिग्री या डिप्लोमा नहीं मिलने पर अश्वनी अस्पताल को सील कर दिया गया। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की डीबीआर और उपचार में इस्तेमाल की गई सामग्री भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, बेलखाड़ू के भट्ठा मोहल्ला निवासी शेखर चौधरी को 2 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे पेट में दर्द होने पर परिजन अश्वनी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां सतीश साहू ने उसके हाथ और कमर के पीछे कुल नौ इंजेक्शन लगाए और दवाइयां दीं। सुबह करीब 4:30 बजे कुछ आराम मिलने पर परिजन उसे घर ले गए। हालांकि, 3 अक्टूबर की सुबह करीब 8 बजे शेखर के पेट में दोबारा दर्द और हाथ-पैर में जलन होने लगी, जिसके बाद उसे फिर अस्पताल लाया गया।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में दोबारा उपचार के दौरान सतीश साहू ने शेखर को इंजेक्शन और ड्रिप लगाई। करीब आधे घंटे बाद सुबह 9:45 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और एक्सपायरी दवाओं के इस्तेमाल की आशंका जताई। उन्होंने उपचार में इस्तेमाल की गई ड्रिप की बोतल पर नवंबर 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज होने की बात पुलिस को बताई।
सीसीटीवी फुटेज में इलाज करते दिखा सतीश……….
मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में सतीश साहू मृतक का इलाज करते दिखाई दिया, जबकि उपचार के दौरान अस्पताल में डॉ. सरिता साहू मौजूद नहीं दिखीं। पुलिस ने कैमरों की डीबीआर जब्त कर ली है। घटनास्थल से आधी भरी ड्रिप की बोतल, ड्रिप सेट, सुई, इंजेक्शन की खाली शीशी और दवाइयों के खाली रैपर भी जब्त किए गए हैं।
चिकित्सा विभाग की जांच में डिग्री-डिप्लोमा नहीं मिला……….
मामले की जानकारी मिलने पर पनागर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीपति मिश्रा ने टीम के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट में इलाजकर्ता सतीश साहू के पास चिकित्सा संबंधी कोई डिग्री या डिप्लोमा नहीं होने का उल्लेख किया गया। इसके बाद अश्वनी अस्पताल को सीलबंद कर दिया गया।
पुलिस को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक ने मृत्यु के संबंध में स्पष्ट राय नहीं देते हुए विसरा परीक्षण कराने का उल्लेख किया है। मर्ग जांच के आधार पर पुलिस ने सतीश साहू, उम्र 28 वर्ष, निवासी अश्वनी अस्पताल के विरुद्ध धारा 105 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।