जबलपुर। बच्चों की हृदय संबंधित समस्याएं काफी जटिल होती हैं। इनके निवारण के लिए न सिर्फ विशेषज्ञता की आवश्यकता है बल्कि बड़ी सर्जरी में ओटी में विशेष इंतजाम व सावधानी भी रखनी होती है। ऐसे में उखरी रोड स्थित गैलेक्सी मल्टीस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में 4 बच्चों की वीएसडी सजर्री नि:शुल्क करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उल्लेखनीय है कि वीएसडी यानी वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट दिल के निचले चैंबरों (कमरों) को अलग करने वाली दीवार में एक छेद होता है। यह एक जन्मजात बीमारी है, हॉस्पिटल से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि इसके चलते बच्चों में
सांस तेज चलना या भारी होना, सांस लेने में तकलीफ, दूध पीते समय पसीना आना या रोना, वजन न बढ़ना या धीमा विकास होना जैसे लक्षण दिखते हैं। यह तब होता है जब गर्भावस्था के दौरान दिल की दीवार पूरी तरह से नहीं बन पाती है। इनमें मेम्ब्रेनस वीएसडी (Membranous VSD): हार्ट में दीवार के ऊपरी हिस्से में छेद (यह सबसे आम है),
मस्कुलर वीएसडी (Muscular VSD): दीवार के निचले हिस्से (मांसपेशी) में छेद होता है। छोटे छेद अक्सर बच्चे के बढ़ने के साथ अपने आप बंद हो जाते हैं। दिल के डॉक्टर से नियमित जांच करवाना। दिल और फेफड़ों के काम को आसान बनाने के लिए दवाएं भी दी जाती हैं। बड़े छेदों को बंद करने के लिए सर्जरी या डिवाइस (छतरी) लगाने की आवश्यकता होती है। ऐसे में गैलेक्सी के चिकित्सकों ने विशेष चिकित्सा पद्धति बच्चों के इलाज के लिए अपनाई। इनमें
इनमें 5 वर्षीय बेबी तन्वी की सर्जरी वीएसडी क्लोजर एमवी प्रोसिजर से की गई, वहीं 5 वर्षीय बेबी लक्ष्मी, 13 माह के मास्टर आरव, 5 वर्षीय मास्टर साहिल के लिए वीएसडी क्लोजर प्रोसिजर अपनाई गई। सर्जरी के बाद बच्चे स्वस्थ हैं, अभिभावकों ने चिकित्सकों से कहा कि अब उनके बच्चे भी आम बच्चों की तरह अपना बचपन जी पाएंगे, इसके लिए “दिल’ से आपका धन्यवाद। यह सर्जरी आरबीएसके यानी राष्ट्रीय बाल विकास कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क की गई। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.अखिलेश दुबे, हृदय शल्य चिकित्सक डॉ.प्रदीप सागवान , निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. श्रीधर की टीम ने सर्जरी सफलतापूर्वक पूर्ण की।