जीसीएफ में सुरक्षा गार्ड पर अधिकारी से मारपीट का आरोप, आईओएफजीओए ने सौंपा ज्ञापन

जबलपुर,  गन कैरिज फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर कार्यरत कनिष्ठ कार्य प्रबंधक एवं सुरक्षा अधिकारी रणजीत प्रजापति के साथ 14 सितंबर को निजी सुरक्षा गार्ड द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना को लेकर भारतीय आयुध कारखाना राजपत्रित अधिकारी संघ की गन कैरिज फैक्ट्री शाखा ने गंभीर चिंता जताते हुए फैक्ट्री प्रबंधन से निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

घटना के संबंध में संघ के सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने 15 सितंबर को गन कैरिज फैक्ट्री के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की गईसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि कारखाना परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मियों के ऊपर अनुशासन, सुरक्षा व्यवस्था और उचित आचरण बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में किसी अधिकारी या कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। यह न केवल अनुशासन से जुड़ा गंभीर विषय है, बल्कि कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता पैदा करता है।आईओएफजीओए ने मुख्य महाप्रबंधक से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। संगठन ने जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के साथ ही संबंधित निजी सुरक्षा एजेंसी को भी आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।संगठन का कहना है कि कारखाने में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार और सुरक्षा कर्मियों को उनके दायित्वों एवं आचरण के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए।ज्ञापन सौंपने के दौरान रघुनंदन पटेल, प्रवीन मिश्रा, दीपक भट्ट सहित भारतीय आयुध कारखाना राजपत्रित अधिकारी संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।