विक्टोरिया अस्पताल में दंत चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी पर बवाल डॉक्टर नाराज

जबलपुर। जिला अस्पताल विक्टोरिया में जारी एक प्रशासनिक आदेश ने स्वास्थ्य महकमे में नई बहस छेड़ दी है। अस्पताल की कैजुअल्टी (इमरजेंसी) में अब दंत चिकित्सकों की भी नियमित ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले के बाद अस्पताल परिसर में चर्चाओं का दौर तेज है और कई दंत चिकित्सकों के बीच इस व्यवस्था को लेकर असंतोष की चर्चा सामने आ रही है।जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवीन कोठारी ने रोस्टर के आधार पर दंत चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक रोस्टर में शामिल डॉक्टरों को तय समय पर कैजुअल्टी में उपस्थित रहना होगा और अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जा सकती है।

सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय के बाद कई दंत चिकित्सकों ने अनौपचारिक रूप से अपनी आपत्तियां जताई हैं। उनका तर्क है कि दंत चिकित्सा सेवाएं पहले से निर्धारित ओपीडी व्यवस्था के तहत संचालित होती हैं और इमरजेंसी ड्यूटी का अतिरिक्त दायित्व कार्य व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में चिकित्सकों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई बार दांत से जुड़ी गंभीर चोट, रक्तस्राव या अन्य आपात स्थितियों में मरीज सीधे कैजुअल्टी पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल विशेषज्ञ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि मरीजों को बिना इलाज लौटना न पड़े।स्वास्थ्य विभाग के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रोस्टर का पालन अनिवार्य होगा। यदि कोई चिकित्सक निर्धारित ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है या आदेश की अवहेलना करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह नई व्यवस्था इमरजेंसी सेवाओं को वास्तव में मजबूत करेगी, या फिर डॉक्टरों की नाराजगी के बीच इसे लागू करना प्रशासन के लिए नई चुनौती साबित होगा। फिलहाल पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग और दंत चिकित्सकों की निगाहें टिकी हुई हैं।