जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीयू) से जुड़े अवमानना प्रकरण में नया घटनाक्रम सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल का नाम अवमानना याचिका से हटाने का आग्रह किया है। इस आवेदन पर हाईकोर्ट में इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।मामले की सुनवाई के दौरान इससे पहले हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर राज्यपाल सहित विश्वविद्यालय के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए थे। अब विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुलाधिपति को इस प्रकरण में पक्षकार बनाए जाने पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलने पर दायर हुई अवमानना याचिका
यह मामला विश्वविद्यालय के विधि विभाग के पूर्व रीडर डॉ. आर.बी. दुबे से जुड़ा है। याचिका के अनुसार उनकी नियुक्ति वर्ष 2000 में हुई थी। उन्होंने 29 जून 2006 को इस्तीफा दिया, लेकिन बाद में 28 जुलाई 2006 को उसे वापस ले लिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने 29 जुलाई 2006 को उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया।इस विवाद को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने जनवरी 2026 में विश्वविद्यालय को डॉ. दुबे को सेवानिवृत्ति संबंधी सभी वैधानिक लाभ देने का निर्देश दिया था। आरोप है कि न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किए जाने पर डॉ. दुबे ने अवमानना याचिका दायर की।आरडीवीयू के कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा के अनुसार विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को राज्यपाल का नाम अवमानना याचिका से हटाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इस पर हाईकोर्ट में इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। अब न्यायालय यह तय करेगा कि अवमानना कार्यवाही में राज्यपाल को पक्षकार बनाए रखना आवश्यक है या नहीं।