जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर के विजिलेंस दल ने गाड़ी संख्या 15018 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस काशी एक्सप्रेस में फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से अवैध वसूली करने वाले एक व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपी के पास से नकली रेलवे सील, रसीद बुक, फर्जी पहचान पत्र, 3500 रुपये नकद, गन जैसी दिखने वाली एक लाइटर बरामद हुई है। साथ ही डब्लूसीआरएमएस (वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ) का कार्ड लगाये था।
बताया जाता है कि रेलवे विजिलेंस को पिछले कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि एक व्यक्ति ट्रेनों में खुद को टीटीई बताकर टिकट जांच के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा है। शिकायतों के आधार पर जबलपुर विजिलेंस टीम ने आरोपी को पकडऩे की योजना बनाई।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार-बुधवार की दरमियानी देर रात करीब 2:30 बजे विजिलेंस टीम ने एक सूचना पर काशी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-1 में सोहागपुर और बागरातवा स्टेशनों के बीच निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को यात्रियों की टिकट जांच कर टिकटों पर पंच लगाते देख उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
नकली सील, फर्जी आईडी और नकदी बरामद ……..
टीम द्वारा की गई गहन पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सोहागपुर के तिलक वार्ड निवासी 54 वर्षीय अरुण कुमार यादव बताया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से रेलवे की दो नकली सील, एक रसीद बुक, पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ (डबलूसीआरएमएस) का फर्जी पहचान पत्र के साथ ही यात्रियों से वसूले गए नगद 3500 रुपये और गन जैसी दिखने वाली एक लाइटर बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह खुद को रेलवे का अधिकृत टीटीई बताकर यात्रियों को झांसा देता था। यह कार्रवाई रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर दीपक उपाध्याय और विजिलेंस इंस्पेक्टर शिवम सोनी के नेतृत्व में की गई। मामले में आगे जांच जारी है।