जबलपुर। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के द्वितीय दिवस में संगठन की आगामी गतिविधियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और विद्या भारती के अमृत महोत्सव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह कृष्णगोपाल ने दो पुस्तकों—‘वंदेमातरम के 150 वर्ष’ एवं ‘संत रविदास’—का विमोचन किया।
इस अवसर पर विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे, राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री गोविंद चंद्र महंत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर तथा संस्कृति शिक्षा संस्थान के सुधीर कुमार उपस्थित रहे।
‘वंदेमातरम के 150 वर्ष’ के उपलक्ष्य में विद्या भारती ने 25 सितंबर 2026 को ‘नमामि भारतम’ अभियान के अंतर्गत देशभर में एक लय, एक स्वर और एक समय में वंदेमातरम गायन का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय महामंत्री देशराज शर्मा ने बताया कि विद्या भारती द्वारा संचालित करीब 24 हजार विद्यालयों एवं अन्य शैक्षिक संस्थानों से संपर्क करते हुए लगभग 30 हजार स्थानों पर एक साथ वंदेमातरम गायन किया जाएगा। इस अभियान में करीब एक करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा के दौरान कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि आगामी दो वर्षों में विद्या भारती के सभी विद्यालयों का डिजिटलीकरण किया जाना चाहिए। इसी दिशा में रिलायंस जियो के साथ टाईअप करते हुए इस वर्ष पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 300 विद्यालयों में डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है।