साहू समाज के 62  वे स्थापना दिवस पर समाज के शिक्षकों का किया सम्मान

धार। मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा, जिला धार द्वारा संगठन का 62वां स्थापना दिवस एवं शिक्षक दिवस समारोह कोटेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया  मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा भोपाल के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू के निर्देश पर जिला अध्यक्ष भेरूलाल साहू व महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती किरण साहू के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
     कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अध्यक्ष भेरूलाल साहू एवं महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती किरण साहू ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा देवी का पूजन एवं आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर संगठन की स्थापना के इतिहास को याद करते हुए बताया गया कि 5 सितंबर 1965 को मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा भोपाल का गठन किया गया था। आज 62 वां स्थापना दिवस समाजजनों ने बड़े ही हर्षौल्लास एवं खुशी के वातावरण में हर्षौल्लास के साथ मनाया गया।

*साहू समाज के शिक्षकों का किया सम्मान*

शिक्षक दिवस के अवसर पर साहू समाज के शिक्षकों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। समाज द्वारा किए गए सम्मान पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रमेशचंद साहू सेवानिवृत शिक्षक ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज द्वारा शिक्षकों के सम्मान की परंपरा शुरू करना सराहनीय पहल है। उन्होंने समाजजनों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

*संगठन की मजबूती और एकता पर दिया जोर*

जिला अध्यक्ष भेरूलाल साहू ने समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में संगठन की बैठकों एवं सामाजिक गतिविधियों में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी समय में साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा देवी का जन्मोत्सव भी हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
        संगठन के महासचिव सोहनलाल साहू ने कहा कि संगठन की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने समाजजनों से बैठकों में सक्रिय सहभागिता कर समाज और संगठन को मजबूत बनाने तथा सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

*सामूहिक नेतृत्व से मजबूत हो रहा संगठन*

मप्र तैलिक साहू सभा भोपाल के प्रचार-प्रसार प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी राकेश साहू ने कहा कि समाजजनों को एकत्रित कर संगठन को एक माला के रूप में पिरोने का प्रयास किया गया है। आज समाज के लोग उत्साहपूर्वक सामाजिक कार्यों में भाग ले रहे हैं। संगठन में किसी व्यक्ति विशेष का निर्णय नहीं होता, बल्कि सभी महत्वपूर्ण निर्णय सामूहिक नेतृत्व एवं समाज की सहमति से लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के बिना व्यक्ति अधूरा है। सामाजिक बैठकों में समाज के प्रत्येक सदस्य के साथ बच्चों की भी भागीदारी होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी समाज, संगठन और उसकी जिम्मेदारियों को समझ सके। समाज का संगठन सामाजिक व्यक्ति के सुख-दुख में अपने सदस्यों के साथ खड़ा रहता है और विपरीत परिस्थितियों में सहयोग, आशा एवं समाधान का मार्ग दिखाता है।
उन्होंने कहा कि जिन समाजजनों ने संगठन की नींव रखी, उनके प्रयासों से लगाए गए पौधे को आज वटवृक्ष का रूप देने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसकी छत्रछाया में सामाजिक एकता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ सकें।

*महिला शक्ति ने भी बढ़ाया सहभागिता का दायरा*

महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती किरण साहू ने कहा कि समाज की महिला शक्ति भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बीच आपसी दूरी कम हुई है और सभी मिलकर समाज को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने आर्थिक अथवा बीमारी के कारण परेशान समाजजनों की हरसंभव सहायता करने पर भी जोर दिया। कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल साहू ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया तथा समय निकालकर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम को संतोष साहू, मुकेश साहू, श्रीमती अनिता साहू ने भी संबोधित के अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर साहू समाज के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं, बच्चे एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।