23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’, शुल्क के विरोध में प्रदर्शन

जबलपुर। केंद्र सरकार द्वारा 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों ने 23 सितंबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने का ऐलान किया है। संगठनों का कहना है कि शुल्क लागू होने से आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।शनिवार को संगठनों के सदस्यों ने घंटाघर के पास प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने कहा कि यूपीआई शुल्क से डिजिटल लेन-देन प्रभावित होगा और सरकार की कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा को भी झटका लग सकता है।संगठनों ने दावा किया कि रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, पेट्रोल पंप और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में 2 हजार रुपए से अधिक के भुगतान पर शुल्क लगने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार आएगा। प्रदर्शन में एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, डी.के. रायचटक, सुभाष चन्द्र, सुशीला कनोजिया, गीता पांडे, डी.के. सिंह सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।