जबलपुर। लघु काशी क्षेत्र गढ़ा स्थित युगल सरकार के प्रसिद्ध पचमठा मंदिर में राधा अष्टमी के अवसर पर राधारानी का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
उत्सव का शुभारंभ प्रातः 4 बजे शुभ मुहूर्त में शहनाई वादन एवं दुलदुल घोड़ी गायन से हुआ। प्रातः 5:30 बजे विशाल जनसमुदाय की उपस्थिति में राधारानी के प्राकट्य उत्सव पर विशेष पूजन एवं महाआरती की गई। इसके बाद प्रातः 9 बजे से युवा कलाकारों द्वारा बधाई गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं।दोपहर 1 बजे से भजन-कीर्तन के साथ बरसाना धाम की परंपरा के अनुरूप दधी-कंडों का आयोजन हुआ। इसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ सहभागिता की। दधी-कंडों के दौरान मंदिर परिसर राधारानी के जयघोष से गूंज उठा।
राधारानी के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में गर्भगृह सहित पूरे मंदिर परिसर में आकर्षक विशाल फूल बंगला सजाया गया। विभिन्न प्रकार के फूलों से की गई मनोहारी सजावट ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया। फूलों से सजे मंदिर परिसर का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
दोपहर की आरती के पश्चात राधारानी सरकार को भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। पूरे दिन मंदिर परिसर में पूजन-अर्चन, भजन, गीत-संगीत और भक्ति के उल्लास का वातावरण बना रहा।
रात्रि 8 बजे से नृत्य गुरु मोती शिवहरे के निर्देशन में भव्य रासलीला का आयोजन प्रारंभ हुआ। रासलीला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। राधा-कृष्ण की लीलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया।आयोजन में ट्रस्ट के महंत कामता प्रसाद जी, डॉ. पवन स्थापक, अभिषेक शर्मा, पंडित रविशंकर गर्ग, डॉ. भूपेंद्र उपाध्याय, डॉ. आशीष मिश्रा, चंद्रशेखर शर्मा, अतुल मनोध्याय, मुकेश मिश्रा एवं नरेश मिश्रा सहित अनेक श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण सहयोग एवं समर्पण रहा। आयोजन के दौरान सनातन परंपरा और धार्मिक संस्कृति के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था एवं सहभागिता देखने को मिली।