आधी सदी तक बिजली व्यवस्था का साथी रहा पावर ट्रांसफार्मर एमपी ट्रांसको ने किया रिटायर

जबलपुर । पांच दशक तक प्रदेश की बिजली व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहे एवं बदलते दौर के साथ प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति का साक्षी बने सीहोर जिले के इछावर स्थित 132 केवी सबस्टेशन में 20 एम वी ए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को वर्षों तक उसके साथ काम करने वाले एमपी ट्रांसको के कार्मिकों ने भावुक मन से विदाई दी। एक पावर ट्रांसफार्मर के रिटायर होने का अवसर सामान्य तकनीकी बदलाव से कुछ अलग रहा। यह विदाई उस मशीन के प्रति सम्मान का भाव थी, जिसने लगभग 50 वर्षों तक बिजली व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने इछावर सबस्टेशन में वर्ष 1975 में भारत बिजली लिमिटेड द्वारा निर्मित 20 एमवीए क्षमता के इस पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब 50 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। आधी सदी पहले ऊर्जीकृत हुआ यह ट्रांसफार्मर विभिन्न सब स्टेशनों में लंबे सेवाकाल के दौरान बदलती विद्युत जरूरतों और बढ़ते बिजली भार के बीच प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

कार्मिकों के कौशल और समर्पण का भी रहा योगदान— श्री तोमर….

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस ट्रांसफार्मर के लगभग पांच दशक लंबे सेवाकाल के पीछे मध्यप्रदेश विद्युत मंडल और बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं मेंटेनेंस कार्मिकों की भूमिका
की सराहना करते हुए सभी पुराने और नए कार्मिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इसके रखरखाव, तकनीकी देखरेख और आवश्यक मेंटेनेंस के जरिए कार्मिकों ने इसे लंबे समय तक कार्यशील बनाए रखा। बदलती तकनीक और परिस्थितियों के बीच पुराने उपकरण की देखभाल करते हुए उसे इतने लंबे समय तक सेवा में बनाए रखना कार्मिकों के अनुभव, तकनीकी दक्षता और समर्पण का प्रमाण है। इस तरह इस ट्रांसफार्मर की पांच दशक की यात्रा केवल एक मशीन की कहानी नहीं, बल्कि उसके साथ जुड़े विद्युत कर्मियों की मेहनत और कार्यकुशलता की कहानी भी है।यह उपलब्धि विद्युत क्षेत्र के अभियंताओं और तकनीकी कार्मिकों के दीर्घकालिक अनुभव, तकनीकी दक्षता तथा सतत रखरखाव प्रयासों को रेखांकित करती है।

बदलते दौर का साक्षी रहा पुराना ट्रांसफार्मर………….

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री राजेश शांडिल्य ने जानकारी दी कि वर्ष 1975 में यह ट्रांसफार्मर पहली बार जब मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के नेटवर्क में शामिल हुआ था, तब प्रदेश की बिजली जरूरतें आज की तुलना में काफी अलग थीं। इसके बाद के पांच दशकों में आबादी बढ़ी, औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हुआ और कृषि एवं घरेलू क्षेत्र में बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हुई। इस पूरे दौर में इस ट्रांसफार्मर ने अपनी निर्धारित क्षमता के अनुरूप विद्युत पारेषण व्यवस्था में योगदान दिया। प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के अनेक सब स्टेशनों में सेवा देने के बाद 2016 में इछावर 132 केवी सबस्टेशन में स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया गया था।

विदाई के साथ जुड़ीं पांच दशकों की यादें………..

ट्रांसफार्मर की विदाई के अवसर पर एमपी ट्रांसको के कार्मिकों ने उसके लंबे सेवाकाल को याद किया। तकनीकी उपकरणों के बीच काम करने वाले अभियंताओं और कर्मचारियों के लिए यह केवल एक पुराने ट्रांसफार्मर को हटाकर नया उपकरण लगाने का अवसर नहीं था, बल्कि उस साथी को विदा करने जैसा था, जिसने उनके कार्यकाल के साथ-साथ कई पीढ़ियों के विद्युत सेवाकर्मियों का साथ दिया। करीब पांच दशक की सेवा के बाद इस ट्रांसफार्मर की विदाई एमपी ट्रांसको के कार्मिकों के लिए एक यादगार क्षण बन गई।

पावर ट्रांसफार्मर की निर्धारित कार्यशील आयु 25 वर्ष, बेहतर रखरखाव से 51 वर्ष तक किया कार्य-……..

विद्युत प्राधिकरण के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्यतः
पावर ट्रांसफार्मर की कार्यशील आयु 25 वर्ष मानी जाती है। हालांकि, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल, मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल तथा मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं तकनीकी कार्मिकों द्वारा समय-समय पर किए गए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, नियमित परीक्षण और उचित रखरखाव के परिणामस्वरूप यह ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित कार्यशील आयु से दोगुने से भी अधिक, लगभग 51 वर्षों तक विद्युत सेवा में कार्यरत रहा।

85,708 एमवीए हुई प्रदेश की ट्रांसफार्मेशन क्षमता…………..

एमपी ट्रांसको प्रदेश में 418 अति उच्च दाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण कर रही है। इनमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 और 132 केवी के 316 सबस्टेशन शामिल हैं। कंपनी के कुल 1,060 पावर ट्रांसफार्मरों की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता नए ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद बढ़कर 85,708 एमवीए हो गई है।