बेखौफ चल रहा जबलपुर में पटाखों का अवैध कारोबार


जबलपुर। शहर में पटाखों की बिक्री को लेकर नियमों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने आरोप लगाया है कि जबलपुर में पटाखा बेचने के लिए महज 260 दुकानदारों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, जबकि शहर में 400 से अधिक दुकानों पर खुलेआम पटाखों की बिक्री की जा रही है। इतना ही नहीं, प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री के साथ ग्रीन पटाखों के नाम पर फर्जी पटाखे बेचे जाने की शिकायत भी की गई है।


मंच के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से मुलाकात कर शहर में पटाखों की अवैध बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंच ने बताया कि नियमानुसार पटाखों की बिक्री सीलबंद बॉक्स में की जानी चाहिए तथा प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड अंकित होना अनिवार्य है, लेकिन इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पटाखों की खुली बिक्री के कारण प्रतिबंधित पटाखों और फर्जी ग्रीन पटाखों का कारोबार भी फल-फूल रहा है।


मंच ने 2 नवंबर को जारी लाइसेंस सूची का हवाला देते हुए कहा कि जब 260 दुकानदारों को ही पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है, तो फिर 400 से अधिक दुकानों पर पटाखे कैसे बेचे जा रहे हैं? इससे साफ जाहिर होता है कि शहर में बिना लाइसेंस पटाखों का कारोबार संचालित हो रहा है। इस तरह की लापरवाही आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

कलेक्टर ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश……….

मंच की शिकायत पर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि एक दिन पहले ही छह लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने माना कि पटाखों की खुलेआम बिक्री और बिना लाइसेंस कारोबार से जनसुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। इस मामले में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

ये रहे उपस्थित………….

कलेक्टर से मुलाकात के दौरान मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे, एडवोकेट वेदप्रकाश अधौलिया, एडवोकेट प्रभात यादव, डीआर लखेरा, अशोक यादव, यशवंत कोठारी, पीएस राजपूत, एडवोकेट अमर प्रकाश गुप्ता एवं राम मिलन शर्मा उपस्थित रहे।