जबलपुर। जिले के कृषक प्रतिनिधियों ने नवागत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से सौजन्य भेंट कर उनका स्वागत किया और किसानों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान प्रमुख रूप से पराली और नरवाई प्रबंधन का मुद्दा उठाया गया। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि खेत खाली होने के बाद रबी की फसल की बुआई के लिए किसानों को महज एक सप्ताह का समय मिलता है। ऐसे में पराली और नरवाई के निस्तारण के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों के सामने इसे जलाने की मजबूरी बन जाती है।कृषक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त संसाधन और व्यावहारिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक किसानों पर नरवाई जलाने के नाम पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में किसानों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसका तीव्र विरोध किया जाएगा।बैठक में किसानों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई। प्रतिनिधियों का कहना था कि अधिकांश अधिकारी किसानों के फोन तक नहीं उठाते और न ही व्हाट्सएप संदेशों का जवाब देते हैं। इससे किसानों को अपनी समस्याएं और शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में परेशानी होती है। उन्होंने कलेक्टर से अधिकारियों को किसानों के फोन उठाने और उनके संदेशों का जवाब देने के संबंध में सख्त निर्देश जारी करने की मांग की।इस अवसर पर गैर-राजनीतिक एवं वर्गविहीन राष्ट्रीय संगठन भारत कृषक समाज के पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य, जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉकों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। किसान सेवा संगठन तथा युवा विंग किसान सेवा सेना के सदस्यों ने भी बैठक में सहभागिता की। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती नीता राठौर और उपसंचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। किसानों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी कलेक्टर को सौंपा।