समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिला भारतीय किसान संघ, सौंपा ज्ञापन

पराली निस्तारण के लिए संसाधन व अनुदान, भूमि के बदले भूमि नीति और 10 घंटे निर्बाध बिजली देने की मांग

जबलपुर, । भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर महाकौशल क्षेत्र के किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं प्रमुख मांगों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ‘किसान मंच’ की बैठक में संगठन ने किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके शीघ्र निराकरण की मांग की।बैठक के प्रारंभ में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल एवं प्रमोद चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीपावली के अवसर पर जबलपुर के जीआई टैग प्राप्त सिंघाड़े की टोकनी मुख्यमंत्री को भेंट की।बैठक की जानकारी देते हुए प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में छतरपुर जिले में मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने, नरसिंहपुर जिले की गोटेगांव तहसील में मटर के लिए स्थायी मंडी बनाने तथा नरसिंहपुर में सहकारी गन्ना मिल स्थापित करने की मांग की गई। इसके अलावा बेलखेड़ा क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के मटर उत्पादक किसानों को सहजपुर एवं जबलपुर मंडी तक फसल पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने और शहपुरा (सहजपुर) तहसील में सर्वसुविधायुक्त मटर मंडी का निर्माण कराने की मांग भी रखी गई।

संगठन ने सतना की शासकीय मंडियों में कृषि उपज की खरीदी सुनिश्चित करने, छिंदवाड़ा के नगरीय क्षेत्र में कृषि पंपों को वर्ष में दो बार कृषि दर से बिजली बिल उपलब्ध कराने तथा महाकौशल प्रांत में बिजली बिलों पर लगाया गया अधिभार पूरी तरह माफ करने की मांग की। रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

पराली निस्तारण के लिए संसाधन और अनुदान मिले

अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री के समक्ष पराली निस्तारण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा निस्तारण में होने वाली लागत की राशि अनुदान के रूप में दी जाए। उन्होंने मांग की कि जब तक किसानों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं करा दिए जाते, तब तक पराली जलाने के मामलों में किसानों पर जुर्माना लगाने और मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई रोकी जाए।

नहरों के मरम्मतीकरण और उन्नयन की मांग

प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम ने नर्मदा विकास प्राधिकरण के अंतर्गत रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना की दाएं एवं बाएं तट की माइनर नहरों का उन्नयन कराने, नहरों की साइड रोड का मुरमीकरण करने तथा स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग रखी।

भूमि के बदले भूमि नीति बनाने पर जोर

पन्ना जिले में जेके सीमेंट फैक्ट्री एवं पन्ना-छतरपुर रेलवे ट्रैक के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले प्रभावित किसानों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए ‘भूमि के बदले भूमि’ नीति बनाने की मांग की गई। साथ ही किसानों की संतुष्टि के अनुसार भूमि अधिग्रहण के बदले चार गुना अथवा उससे अधिक मुआवजा देने की बात भी रखी गई।

गांवों में कैंप लगाकर निपटाएं राजस्व संबंधी मामले

किसानों की राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने की मांग की गई। इनमें नक्शा बटांकन, सीमांकन, नक्शों में सुधार तथा बंदोबस्त से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण करने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसान हितैषी निर्णयों को प्राथमिकता देती रहेगी।

ये रहे उपस्थित

किसान मंच की बैठक में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती गिरिजा ठाकुर, मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर, मध्यभारत प्रांत संगठन मंत्री भरत पटेल, महाकौशल प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम, प्रांत महामंत्री प्रहलाद पटेल, मालवा प्रांत संगठन मंत्री अतुल माहेश्वरी सहित दिनेश शर्मा, लक्ष्मीनारायण पटेल, रमेश दांगी, राजेंद्र, शिवनंदन रघुवंशी, जगराम यादव, सर्वज्ञ दीवान, नमो नारायण दीक्षित, नवनीत रघुवंशी, आरसी पटेल एवं ओम नारायण पचौरी सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे।