3 हजार का इनामी शेखर चौबे प्रयागराज से गिरफ्तार

जबलपुर। कुख्यात बदमाश सुयश उर्फ छोटू चौबे के पिता और 3 हजार रुपए के इनामी फरार आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर चौबे को क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक शेखर चौबे पर आरोप है कि उसने दबंगई के बल पर दूसरों की जमीन पर कब्जा कर मकान खड़ा कराया और इसी मकान का इस्तेमाल अपने बेटे छोटू चौबे के गुर्गों को छिपाने तथा अपराध के बाद फरारी काटने के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, पिछले माह क्राइम ब्रांच ने विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर भूलन बस्ती में दबिश देकर हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में फरार आरोपी शेख आदिल को पकड़ा था। उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे। पूछताछ में शेख आदिल ने पुलिस को बताया कि वह जिस मकान में छिपा था, वहां उसे छोटू चौबे के पिता शेखर चौबे ने फरारी काटने के लिए ठहराया था। उसने मकान को शेखर चौबे और छोटू चौबे का होना भी बताया।

नगर निगम में नहीं मिला मकान का रिकॉर्ड

पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई तो भूलन बस्ती स्थित मकान के संबंध में नगर निगम और राजस्व विभाग से जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित विभागों के रिकॉर्ड में छोटू चौबे, चंद्रशेखर चौबे और उसकी पत्नी रीता चौबे के नाम पर उक्त संपत्ति का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

आसपास के रहवासियों और संबंधित जमीन के बारे में जानकारी जुटाने पर पुलिस को पता चला कि खसरा नंबर 95 की जमीन की प्लॉटिंग अशोक साहू द्वारा की गई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2012 में जमीन खरीदने के बाद दो अलग-अलग 1000-1000 वर्गफीट के प्लॉट बेचे गए थे और उनके वास्तविक खरीदारों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हैं।पुलिस के अनुसार, जमीन से जुड़े अशोक साहू ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018-19 में उसे जानकारी मिली कि दोनों प्लॉटों पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। वह जेसीबी लेकर निर्माणाधीन मकान पर पहुंचा और अधबनी दीवार व बाउंड्रीवाल तुड़वाने लगा। आरोप है कि इसी दौरान शेखर चौबे अपने बेटे छोटू चौबे के साथ वहां पहुंचा और गालीगलौज करते हुए खतरनाक हथियार दिखाकर उसे वहां से भगा दिया।बाद में वर्ष 2022 में अशोक साहू को जानकारी मिली कि दोनों प्लॉटों पर छोटू चौबे और शेखर चौबे ने पक्का मकान बना लिया है। पुलिस के अनुसार, डर के कारण उसने उस समय शिकायत नहीं की।मकान में लगे बिजली मीटर की जानकारी एमपीएसईबी से जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित मीटर चंद्रशेखर चौबे के नाम पर दर्ज पाया गया। वहीं वास्तविक भूमि स्वामियों की शिकायतों और उनके बयानों में भी आरोप लगाया गया कि उनके प्लॉटों पर छोटू चौबे और उसके पिता शेखर चौबे ने कब्जा कर अवैध निर्माण कराया।
जांच में पुलिस ने आरोप लगाया है कि कब्जाई गई जमीन पर बने मकान का इस्तेमाल अवैध हथियारों से जुड़े अपराधों तथा अपराध करने के बाद फरार आरोपियों को छिपाने के लिए किया जा रहा था। मामले में संबंधित अवैध निर्माण के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन तैयार किया गया है।घटना के बाद से ही शेखर चौबे फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय ने उसकी गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।इसी दौरान कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह परिहार को शेखर चौबे के प्रयागराज में होने की सूचना मिली। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम प्रयागराज पहुंची और दबिश देकर 75 वर्षीय चंद्रशेखर चौबे पिता स्व. पंडित चेतराम चौबे, निवासी स्नेह नगर, कमला नेहरू थाना मदन महल, को अभिरक्षा में लेकर जबलपुर लाई।पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की कार्रवाई कर रही है।मामले में शेख आदिल, शेखर चौबे, सुयश उर्फ छोटू चौबे और बाबू सिंधी के खिलाफ धारा 25(1-बी)(ए), 25(1-ए), 27 आर्म्स एक्ट तथा धारा 249(बी), 111(4), 111(5), 111(6) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।कार्रवाई में थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा के निर्देशन में उप निरीक्षक प्रभाकर सिंह परिहार, सहायक उप निरीक्षक अनिल, आरक्षक राजेश मिश्रा, अजीत सिंह और मुकेश परिहार की भूमिका