जबलपुर। शहर में नौकरी दिलाने और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के तीन मामले सामने आए हैं। गौरीघाट और रांझी थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिए हैं। आरोपियों ने नौकरी दिलाने, हैंडराइटिंग का काम देने और मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम निकालने के जरिए लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
नौकरी के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी………
थाना गौरीघाट में रिलायबल स्टेट निवासी 33 वर्षीय अभिषेक डे मजुमदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से हैदराबाद स्थित एक कंपनी में वर्क फ्रॉम होम की नौकरी के लिए संपर्क किया था। कंपनी के एचआर जगदीश रविल्ला ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे दो लाख रुपये की मांग की।
फरियादी के अनुसार, उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों से 50-50 हजार रुपये तथा 4 मई 2026 को कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 50 हजार रुपये और अपने दोस्त अमन राव के खाते से यूपीआई के जरिए एचआर के खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद कंपनी की ओर से उन्हें लेनोवो कंपनी का लैपटॉप दिया गया। उन्होंने करीब दो माह काम किया, लेकिन उन्हें वेतन नहीं मिला।
अन्य कर्मचारियों से बातचीत करने पर पता चला कि उन्हें भी कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया था और उनसे भी पैसे लिए गए थे। इसके बाद फरियादी को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। एचआर से रकम वापस मांगने पर उसने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की। पुलिस ने शिकायत पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
हैंडराइटिंग का काम दिलाने के नाम पर 50 हजार से अधिक की ठगी………..
दूसरा मामला थाना रांझी का है। रामनगर, व्हीएफजे मड़ई निवासी 20 वर्षीय सृष्टि कुलस्ते ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम हैंडराइटिंग का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क करने पर एक व्यक्ति ने अपना नाम विनय अग्रवाल और दूसरे ने सुशांत अरोरा बताया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 499 रुपये और हैंडराइटिंग का सामान भेजने के लिए डिलीवरी चार्ज के नाम पर 1,599 रुपये मांगे। इसके बाद अलग-अलग शुल्क बताकर लगातार रकम की मांग की गई। फरियादिया ने 7 अक्टूबर 2026 तक गूगल पे के माध्यम से कुल 50 हजार 793 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब आरोपियों ने और पैसे मांगे तो उन्हें धोखाधड़ी का संदेह हुआ। इंस्टाग्राम आईडी पर जांच करने पर अन्य लोगों ने भी कमेंट कर उसे फर्जी बताया था। पुलिस ने शिकायत पर धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 74 हजार 954 रुपये…….
तीसरा मामला भी रांझी थाना क्षेत्र का है। शारदा नगर निवासी 30 वर्षीय शुभम पटेल, जो डिलीवरी बॉय का काम करते हैं, ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई कि 9 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 74 हजार 954 रुपये डेबिट होने का मैसेज आया।
उन्होंने फोन-पे के माध्यम से बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उक्त रकम किसी निखिल नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई थी। यूनियन बैंक शाखा जाकर स्टेटमेंट निकलवाने और खाते की जानकारी जांचने पर उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी का पता चला। शिकायत में आशंका जताई गई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने लिंक भेजकर उनका मोबाइल हैक किया और बैंक खाते से रकम निकाल ली।पुलिस ने शिकायत पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
साइबर ठगी से बचने की अपील……………
नौकरी या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति या कंपनी को अग्रिम राशि देने से बचें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी संदिग्ध भुगतान की मांग होने पर उसकी सत्यता जांचें। बैंक खाते से अनधिकृत लेनदेन होने पर तत्काल बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।