जबलपुर। बरगी बांध में लगातार बढ़ रहे जलभराव को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार शाम 6 बजे बांध के पांच जलद्वार एक-एक मीटर खोल दिए गए। इससे नर्मदा नदी के घाटों पर जलस्तर में करीब 3 से 4 फीट की वृद्धि हुई है। बांध प्रबंधन ने लोगों से नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
शुक्रवार दोपहर 3 बजे बरगी बांध का जलस्तर 422.90 मीटर दर्ज किया गया। बांध की वास्तविक उपयोगी जल भंडारण क्षमता 3180 एमसीएम के मुकाबले जल भंडारण 3217 एमसीएम यानी 101.16 प्रतिशत पहुंच गया था। बांध में पानी की आवक 763 क्यूमेक दर्ज की गई।
जलभराव क्षेत्र में बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 780 क्यूमेक पानी छोड़े जाने का निर्णय लिया गया। बांध प्रबंधन के अनुसार पानी की आवक के आधार पर जल निकासी की मात्रा को आवश्यकता के अनुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
गणेश विसर्जन और पितृपक्ष की चुनौती……….
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा घाटों पर पहुंचे थे। अगले दो तीन दिनों तक ही खासकर देहात क्षेत्रों में नर्मदा किनारे विसर्जन प्रक्रिया चलती रहेगी| वहीं कल रविवार से पितृपक्ष शुरू होने के कारण नर्मदा घाटों पर तर्पण और पिंडदान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बढ़े हुए जलस्तर के बीच घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
जलस्तर बढ़ने से घाटों की सीढ़ियों का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने, संवेदनशील घाटों पर बैरिकेडिंग करने और पर्याप्त सुरक्षा बल व बचाव दल तैनात करने की जरूरत होगी।
प्रशासन और पुलिस को पितृपक्ष के दौरान घाटों पर विशेष निगरानी रखनी होगी, ताकि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। बांध से पानी छोड़े जाने की मात्रा में बदलाव होने पर नर्मदा का जलस्तर भी आगे घट-बढ़ सकता है।