*जबलपुर।** रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना में पदस्थ कार्यपालन यंत्री अजय कुमार सूरे के खिलाफ कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी पद हासिल करने के मामले में प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराने और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। राज्य स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति की जांच में उनके द्वारा प्रस्तुत मन्नेवार अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण पत्रों को अमान्य पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शास्त्री नगर, त्रिपुरी वार्ड निवासी स्वर्गीय गंगाराम सूरे के पुत्र अजय कुमार सूरे के जाति प्रमाण पत्रों की जांच राज्य स्तरीय अनुसूचित जनजाति छानबीन समिति, भोपाल द्वारा की गई। जांच के बाद संबंधित दस्तावेजों को अमान्य ठहराया गया। बताया गया है कि जनजाति कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 17 मार्च 2026 को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भी इस मामले पर विचार किया गया और प्रमाण पत्रों की वैधता को लेकर निष्कर्ष निकाला गया।जांच में अजय कुमार सूरे द्वारा प्रस्तुत दो जाति प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया गया। इनमें पहला प्रमाण पत्र 1 जनवरी 1983 को कार्यालय जिलाध्यक्ष, आदिम जाति कल्याण, जबलपुर द्वारा जारी किया गया था। वहीं, दूसरा प्रमाण पत्र 18 अगस्त 2023 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील जबलपुर के कार्यालय से जारी होना बताया गया है।
दोनों प्रमाण पत्र मन्नेवार अनुसूचित जनजाति से संबंधित थे। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने परीक्षण के बाद दोनों दस्तावेजों को अमान्य घोषित कर निरस्त कर दिया। इसके बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई और विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
## चार विभागों को कार्रवाई के लिए भेजे पत्र
जिला प्रशासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा आदेश के पालन के लिए चार संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इनमें प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, भोपाल; पुलिस अधीक्षक, जबलपुर; अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, गोरखपुर तथा मुख्य अभियंता, बरगी हिल्स, जबलपुर शामिल हैं।
पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने के लिए कहा गया