जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल अभियंता संघ ने प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पात्र एवं वरिष्ठ अभियंताओं की पदोन्नतियां लंबित रहने पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ का आरोप है कि पर्याप्त संख्या में योग्य अभियंता उपलब्ध होने के बावजूद रिक्त पद नहीं भरे जा रहे, जिससे न केवल अधिकारियों का कैरियर प्रभावित हो रहा है बल्कि रोजगार सृजन की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।संघ के अनुसार, मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी और मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा जुलाई 2026 में पदोन्नति आदेश जारी किए गए, लेकिन इसके बाद भी कंपनी कैडर के पात्र अभियंताओं को पदोन्नति नहीं दी गई। संघ का दावा है कि ट्रांसमिशन कंपनी में सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता के करीब 69 तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 72 पद अनावश्यक रूप से रिक्त रखे गए हैं। वहीं जनरेटिंग कंपनी में भी कार्यपालन अभियंता से अधीक्षण अभियंता के कई पद खाली होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है।
अभियंता संघ ने कहा कि 10 से 17 जुलाई 2026 के बीच ऐसी स्थिति भी रही, जब फीडर कैडर में मंडल के पात्र अधिकारी उपलब्ध नहीं थे, इसके बावजूद कंपनी कैडर के योग्य अभियंताओं को पदोन्नति नहीं दी गई। संघ का कहना है कि अब नवपदोन्नत अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि के कारण आने वाले वर्षों तक भी पद रिक्त बने रहने की आशंका है।
संघ ने आरोप लगाया कि ऊर्जा विभाग के 9 जून 2011 के पत्र की गलत व्याख्या कर पदोन्नतियां रोकी जा रही हैं, जबकि वर्ष 2014 में इसी प्रकार की परिस्थितियों में कंपनी कैडर के अधिकारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। इससे वर्तमान नीति की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभियंता संघ ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से हस्तक्षेप कर पदोन्नति नियम-2025 के अनुसार पात्रता एवं वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों को तत्काल भरने की मांग की है। संघ का कहना है कि इससे न केवल अभियंताओं को न्याय मिलेगा, बल्कि फीडर कैडर में रिक्तियां बनने पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो अभियंताओं में बढ़ता असंतोष व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है।