आदि शक्ति जगदम्बे को विदाई देने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, विजयादशमी चल समारोह में रामलीला की झांकियों ने शमां बांधा


जबलपुर। शारदेय नवरात्र पर्व का समापन मंगलवार को विजयादशमीं पर रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों के दहन और दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ हो गया। मंगलवार की सुबह से ही प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। जो प्रतिमाएं जुलूस में शामिल नहीं होती, उनमें से कई सुबह से बाजे-गाजे के साथ नर्मदा के भिटौली और तिलवारा कुंड के लिए रवाना हो गई थीं। प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुक्रवार को भी उपनगरीय क्षेत्रों में जारी रहा।

डेढ़ घंटे लेट हुआ जुलूस……..

शहर में परम्परानुसार शाम को नगर निगम चौक से एक भव्य विजयादशमीं जुलूस श्री गोविंदगंज रामलीला समिति के नेतृत्व में निकाला गया। इस अवसर पर जुलूस मार्ग पर भारी संख्या में जनसैलाब मौजूद था। जय दुर्गे, जय काली, जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शाम 7.00 के बजाये 8.30 बजे के बाद मुख्य जुलूस नगर निगम चौक से प्रारंभ हुआ। अपने परम्परागत मार्गों से यह जुलूस हनुमानताल सरोवर पहुंचा, जहां प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

पहली प्रतिमा का रात 2 बजे विर्सजन………

पहली प्रतिमा जहां रात 2 बजे विसर्जित की गई, वहीं अंतिम प्रतिमा का विसर्जन सुबह 11 बजे तक हुआ। जुलूस में प्रतिमाओं की संख्या साल दर साल घटती जा रही है। इस साल 21 दुर्गा प्रतिमाएं चल समारोह में शामिल हुई| गोविंदगंज रामलीला समिति की भव्य व आकर्षक 20 से अधिक झांकियों ने चल समारोह को भव्यता व आकर्षण प्रदान किया।

झांकियों में धर्म-राजनीति-समाज का चित्रण …

इस बार चलित झांकी में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र स्वाभिमान, अंतराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध विभीषका, हामुर्ज की तहत विश्वव्यापी तेल संकट, जेनजी का जनआक्रोश, रावण जटायु युद्ध, त्रिशूल वाले शंकर जी, कटकासुर और भगवान विष्णु का युद्ध के अलावा राम रावण के पारंपरिक युद्ध की झांकी व मेघनाद कुंभकरण के पुतले जनाकषर्ण का केंन्द्र रही। वहीं राम रावण की चलित झांकी जमकर सराही गई।
जुलूस में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया, डॉ. अभिलाष पांडे, पूर्व विधायक विनय सक्सेना, रामलीला समिति के अध्यक्ष अनिल तिवारी, नेताप्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, नगर निगम अध्यक्ष रिंकूज विज, वरिष्ठ नेता दिनेश यादव, कमलेश रावत, पं.सतीश उपाध्याय, राकेश पाठक, रवि गुप्ता, आदि गणमान्य नागरिक चल रहे थे।

21 प्रतिमाएं शामिल…………….

रामलीला जुलूस के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का जुलूस प्रारंभ हुआ। परम्परानुसार नगर निगम चौक से प्रारंभ हुआ चल समारोह का समापन हनुमानताल में प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ सम्पन्न हुआ। अपने निर्धारित समय से करीब डेढ़ घंटे विलंब से शाम 8.30 बजे से प्रारंभ हुए चल समारोह में शामिल अंतिम प्रतिमा का विसर्जन सुबह 10.30 बजे हुआ। इस वर्ष 21 प्रतिमाएं शामिल हुईं। मुख्य दशहरा चल समारोह के आकर्षण एवं भव्यता के साथ-साथ दर्शनार्थियों की संख्या में कमी नहीं आई, जुलूस मार्ग पर शाम ढलते ही दर्शनार्थियों की भीड़ बढऩे लगी थी। शाम ढलती रही और भीड़ बढ़ती गई। सडक़ के दोनों ओर छोर पर खड़े दर्शनार्थी बेसब्री से रामलीला के जुलूस की प्रतीक्षा करते रहे। शाम 7 बजे के निर्धारित समय पर रामलीला का जुलूस नगर निगम चौराहे पर पहुंच गया था| पूजन अर्चन के बाद जुलूस रात 8.30 बजे प्रारंभ हो सका| श्री गोविंदगंज रामलीला समिति का नगर निगम चौराहे पर भगवान श्री रामचन्द्र जी का पूजन अर्चना लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, सीए अखिलेश जैन, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक लखन घनघोरिया, विधायक अभिलाष पांडे, नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, निगम अध्यक्ष रिंकुज बिज व एमआईसी सदस्यों रजनी कैलाश साहू, सुभाष तिवारी, अंशुल राघवेंद्र यादव आदि ने कर प्रारंभ कराया।

नगर की सेठानी चांदी की रथ पर निकली………..

परंपरानुसार सर्वप्रथम सुनरहाई दुर्गोत्सव समिति की भव्य प्रतिमा, रंग-बिरंगी विद्युत छटाओं से जगमगाती हुई बीजाडांडी नृत्य के साथ भव्यता बिखेरते हुए विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुई। इसके बाद क्रमश: नगर की सेठानी दुर्गोत्सव समिति नुनहाई की दुर्गा प्रतिमा चांदी का रथ जनआकर्षण का केंद्र था, दुर्गोत्सव समिति कोष्ठी मंदिर, दुर्गोत्सव समिति राजा सागर मार्ग, दुर्गोत्सव समिति जमुनिया कुआं मिलौनीगंज, राष्ट्रीय दुर्गोत्सव समिति, तिलक भूमि तलैया इसके पीछे क्रमश: सर्वशक्ति दुर्गोत्सव समिति, गलगला, स्नेह युवा दुर्गोत्सव समिति बड़ी खेरमाई, नव जागृति दुर्गोत्सव समिति त्रिमूर्ति नगर, संजय गांधी मार्केट बल्देवबाग, मित्र मिलन दुर्गोत्सव समिति मुमताज बिल्डिंग, बड़ी खेरमाई, संत रविदास दुर्गोत्सव समिति चौधरी मोहल्ला समारोह में शामिल रहीं। इसके पीछे श्री धनुषधारी भव्यता के साथ दुर्गोत्सव समिति मिलौनीगंज की प्रतिमा विशाल साज सज्जा युक्त झांकी के साथ चल रही थी।

एक दशहरा गढ़ाफाटक में भी………

एक तरफ नगर निगम चौक से हनुमानताल तक दशहरा था तो दूसरी तरफ गढ़ाफाटक में श्री वृहत महाकाली महोत्सव समिति कालीधाम का अपना एक अलग ही दशहरा था| रात 9 बजे मंदिर प्रांगण से शुरु हुआ जुलूस रात 3 बजे यातायात तिराहे के पास पहुंच सका| रास्ते भर दशहरे जैसी भीड़ प्रतिमा के साथ रही| इस साल भीड़ भाड़ और धक्का मुक्की से बचते हुए बड़ी तदाद में माता रानी के दर्शन करने लोग फ्लाईओवर के ऊपर भी मौजूद रहे| तड़के 4 बजे से जब जुलूस यातायात थाने के आगे निकला तब बड़ी माता महाकाली की प्रतिमा पीछे निकली उसके बाद भी भीड़ बनी रही| जुलूस पथ पर करीब 16 घंटे जुलूस बना रहा| सुबह 10.30 बजे बड़ी महाकाली का हनुमानताल में विर्सजन हो सका। पिछले 6 सालों से श्री वृहत महाकाली महोत्सव कालीधाम में अपने जुलूस में परिवर्तन किया है। यह प्रतिमा तीनपत्ती चौक में नंबर लगने के बजाय रात 9 बजे के लगभग अपने उद्गम स्थल गढ़ाफाटक से जुलूस के लिए रवाना हुई और रात 3.00 बजे करीब यातायात थाने के सामने पहुंची। दशहरा जुलूस में सबसे पीछे माता महाकाली की प्रतिमा शामिल हो गई थी, पूरे जुलूस में प्रतिमा का इंतजार किया जा रहा था भीड़ का आलम यह था कि भीड़ संभाले नहीं संभल रही थी हर कोई माता रानी के चरण छूने आतुर दिखा। माँ काली की प्रतिमा आते ही जयकारे के नारे लगने लगे। माँ का रथ खींचने श्रद्धालुओं की होड़ लगी हुई थी।

सदर में शानदार जुलूस निकला….

उपनगरीय क्षेत्र सदर में विजयादशमी चल समारोह पूरी आन-बान-शान के साथ श्रद्धाभक्ति से निकाला गया। सदर क्षेत्र में विराजित 21 प्रतिमाएं इस जुलूस में शामिल हुईं। सदर रामलीला समिति ने जुलूस का नेतृत्व किया। सदर के मुख्य मार्ग व गलियों से होता हुआ यह जुलूस मोतीलाल नेहरू अस्पताल के पास स्थित सदर तालाब पहुंचा, जहां कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ और कुछ प्रतिमाएं वापस अपने पंडालों में पहुंची, जिनका विसर्जन आज नर्मदा में किया गया। आरसी ग्राउण्ड में शानदार आतिशबाजी की गई और रावण, कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। इस समारोह में विधायक अशोक रोहाणी, कांग्रेसनेता आलोक मिश्रा, चिंटू चौकसे, प्रेम दुबे, जदयू प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल, आदि शामिल रहे।

भीड़ ने कीर्तिमान तोड़े…….

इस वर्ष दशहरा जुलूस में भारी भीड़ ने एक नया कीर्तिमान भी रचा। जुलूस के उद्गम स्थल नगर निगम चौक से समापन स्थल हनुमानताल तक खचाखच भीड़ नजर आ रही थी। उतने ही लोग मार्ग के दोनों तरफ बैठे थे और उससे चार गुनी भीड़ सडक़ों पर चहलकदमी करती हुई नजर आ रही थी।

स्वागत मंचों पर रुकी प्रतिमाएं………

जुलूस में शामिल प्रतिमाओं को स्वागत मंचों पर पूजन अर्चन किया गया जिससे जुलूस रुकता रहा। यह बात अच्छी रही रामलीला जुलूस और प्रतिमाओं के बीच गेप नहीं रहा, फिर भी जुलूस धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा है, और 10 घंटे प्रतिमायें चलती रही। शिक्षक कांग्रेस समरसता सेवा संगठन, वैश्य महासम्मेलन, रानी दुर्गावती छात्र संघ, विश्वकर्मा समाज, बेन समाज और विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक संगठनों ने स्वागत मंच लगाकर प्रतिमाओं का पूजन अर्चन किया और वरिष्ठ जनों का सम्मान किया। इसी प्रकार मालवीय चौक पर पत्रकार पंडित अरुण शुक्ला, श्रीमति सुशीला शुक्ला की स्मृति में जुलूस में शामिल गणमान्य नागरिको का सम्मान किया गया और माता को चुनरी व श्रीफल अर्पित कर आर्शीवाद लिया गया| इस अवसर पर पत्रकार आशीष शुक्ला, मनोज नामदेव आदि उपस्थित थे|