कबाड़ में विस्फोट से बचे शमीम कबाड़ी फर्जीवाड़े में अंदर


जबलपुर। अधारताल थाना अतंर्गत खजरी-खिरिया क्षेत्र में रजा मेटल इंडस्ट्री में हुए बहुचर्चित कबाड़खाना विस्फोटकांड के बाद शमीम कबाड़ी का नाम न केवल विस्फोटक सामग्री के भंडारण, बल्कि कथित फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट बनवाने से जुड़े विवादों में भी सामने आया था। इस मामले ने पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। इस मामलें में शमीम कबाड़ी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

25 अप्रैल 2024 को हुआ था भीषण विस्फोट……….

जबलपुर के खजरी-खिरिया क्षेत्र में 25 अप्रैल 2024 को रजा मेटल इंडस्ट्रीज के कबाड़ परिसर में भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में मोहम्मद शमीम खान उर्फ शमीम कबाड़ी को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ एफआईआर को निरस्त कर दिया|

फर्जी किरायानामे से पासपोर्ट बनवाने का आरोप…..

अधारताल थाना प्रभारी वेतन ताम्रकार ने बताया कि विस्फोट मामले के बाद सामने आई रिपोर्टों में शमीम कबाड़ी के कथित तौर पर फर्जी किरायानामे के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का मुद्दा भी उठा था। इन रिपोर्टों में नागपुर निवासी अब्दुल करीम सत्तार पटेल का नाम सामने आया था। आरोप था कि उसने शमीम को छिपने में मदद करने के साथ फर्जी किरायानामे के माध्यम से पासपोर्ट बनवाने में भी सहायता की थी।
पुलिस की पूर्व कार्रवाई के अनुसार, अब्दुल करीम को नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उसने फरारी के दौरान शमीम को आर्थिक सहायता दी और ठहरने की व्यवस्था भी की।

मप्र से बना पासपोर्ट हुआ था निरस्त ……….

थाना प्रभारी के मुताबिक शमीम कबाड़ी पर कई अपराधिक मामले दर्ज होने के कारण मप्र से बना उसका पासपोर्ट को वर्ष 2019 में निरस्त कर दिया गया| इसके बाद उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2022 में नागपुर (महाराष्ट्र) से फर्जी पासपोर्ट तैयार कराया और उसपर विदेश यात्रा भी की| पुलिस को इस मामले की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद जांच पड़ताल की गई, इसके बाद विदेश यात्रा से लौटने के बाद शमीम कबाड़ी का आदर्शनगर से गिरफ्तार किया| पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 467, 468, 420 एवं पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया|