गरबा आयोजकों की बैठक में सुरक्षा और व्यवस्था के निर्देश, रात्रि 11 बजे तक गरबा आयोजन समाप्त करने के निर्देश


जबलपुर। दुर्गोत्सव पर्व के दौरान गरबा आयोजनों में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से गुरुवार को गरबा आयोजकों की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय के मार्गदर्शन में दोपहर 12 बजे आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष भारद्वाज की उपस्थिति में आयोजकों से व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में सभी नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, शहर के थाना प्रभारी तथा करीब 150 गरबा आयोजक उपस्थित रहे।


बैठक में अधिकारियों ने आयोजकों से गरबा स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि आयोजकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है। गरबा स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात किए जाएंगे, जो गरबा स्थलों के साथ आसपास की गलियों में गश्त कर असामाजिक तत्वों पर नजर रखेंगे।

आयोजकों को दिए गए प्रमुख निर्देश……

गरबा आयोजन रात्रि 11 बजे तक अनिवार्य रूप से समाप्त किया जाए। गरबा प्रतियोगियों को परिचय पत्र जारी किया जाए तथा आयोजकों द्वारा उनके आने-जाने की व्यवस्था की जाए। आयोजन स्थल, प्रतियोगियों, आमंत्रित अतिथियों एवं अन्य आवश्यक जानकारी संबंधित थाने, नगर पुलिस अधीक्षक और नगर दंडाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। ध्वनि विस्तारक यंत्र के लिए अनुमति लेकर उसकी आवाज परिसर तक ही सीमित रखी जाए।

पासधारी व्यक्तियों को भी जांच के बाद ही गरबा स्थल में प्रवेश दिया जाए। प्रतियोगियों को अपने साथ कोई सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी। गरबा आयोजन पारंपरिक वेशभूषा में तथा धार्मिक स्वरूप में ही किया जाए, जिससे किसी की धार्मिक भावना आहत न हो। आयोजकों द्वारा व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो। प्रत्येक गरबा स्थल पर आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक निकास द्वार बनाया जाए।

क्षमता के अनुरूप सुरक्षा गार्ड एवं स्वयंसेवक तैनात किए जाएं और उनकी सूची संबंधित थाने को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यकतानुसार उन्हें विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा दिया जा सके। महिला और पुरुषों के लिए प्रवेश की अलग-अलग कतार की व्यवस्था की जाए। आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था तथा अग्निशमन यंत्र की वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखी जाए। प्रवेश एवं निकास द्वार, कार्यक्रम स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

विद्युत सजावट में कटी-फटी केबल का उपयोग न किया जाए। सुरक्षित एवं अच्छी गुणवत्ता की केबल का इस्तेमाल किया जाए तथा विद्युत व्यवस्था बच्चों की पहुंच से दूर रखी जाए।