जबलपुर। माढ़ोताल पुलिस ने परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े परीक्षार्थियों के वाहनों की डिक्की मास्टर चाबी से खोलकर मोबाइल, नकदी और अन्य सामान चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 6 मोबाइल, सोने जैसा धातु का एक लॉकेट, 17 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और मास्टर चाबियां बरामद की गई हैं।पुलिस के अनुसार 24 सितंबर को समदड़िया कॉलोनी निवासी प्राची भोसले परीक्षा देने ग्लोबल कॉलेज पहुंची थीं। परीक्षा दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक थी। उन्होंने अपना मोबाइल और सोने का लॉकेट एक्टिवा की डिक्की में रख दिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद लौटने पर डिक्की खोलने पर मोबाइल और लॉकेट गायब मिले। आसपास खड़े अन्य परीक्षार्थियों के वाहनों की डिक्कियों से भी मोबाइल, नकदी और एटीएम कार्ड चोरी होने की जानकारी सामने आई।रिपोर्ट पर माढ़ोताल थाने में अपराध क्रमांक 814/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा मुखबिरों को सक्रिय किया। फुटेज के आधार पर प्रतीक उर्फ गोलू सोनी (38), निवासी मानस बिहार कॉलोनी लमती, थाना विजय नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पल्सर मोटरसाइकिल से ग्लोबल कॉलेज के पास पहुंचा था। वहां उसने मास्टर चाबियों से करीब 8 से 10 खड़े वाहनों की डिक्कियां खोलने का प्रयास किया। इनमें से 5-6 वाहनों के लॉक खुल गए। आरोपी ने इन डिक्कियों से 6 मोबाइल, एक लॉकेट, एटीएम कार्ड और 7,500 रुपये नकद चोरी किए। इसके बाद चोरी किए गए एटीएम कार्ड के माध्यम से 10 हजार रुपये और निकालने की बात भी पुलिस को बताई।
आरोपी की निशानदेही पर उसके घर में पलंग के अंदर छिपाकर रखे 6 मोबाइल, लॉकेट और 17 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 20 एमएच 9483 और मास्टर चाबियां भी जब्त की गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट और चोरी सहित कई मामले पहले से दर्ज हैं।कार्रवाई में थाना प्रभारी माढ़ोताल वीरेन्द्र सिंह पवार के नेतृत्व में उप निरीक्षक विजय पुष्पकार, सहायक उप निरीक्षक विजय शुक्ला, प्रधान आरक्षक बलराम पाण्डेय, मुनीम मर्सकोले, सचिन मेहरा, आरक्षक विनय सिंह, राहुल, कुणाल यादव, निकेश तथा विजय नगर थाने के आरक्षक रूपेश और विनीत उपमन्यु की भूमिका रही।