फिर ठगे गए किसान, गेहूं के समर्थन मूल्य में मात्र 25 रुपये की वृद्धि, भारत कृषक समाज ने केंद्र व राज्य सरकार से समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की


जबलपुर। रबी फसलों के समर्थन मूल्य में गेहूं के लिए की गई महज 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को लेकर किसानों में नाराजगी है। भारत कृषक समाज ने इसे किसानों के लिए निराशाजनक बताते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार से गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है।


भारत कृषक समाज के अनुसार केंद्र सरकार ने वर्ष 2027-28 के लिए गेहूं सहित रबी की छह फसलों के समर्थन मूल्य घोषित किए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य 2610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 2585 रुपये था। संगठन का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार महज 25 रुपये की वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष मध्यप्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की थी।


संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी, जबकि इस वर्ष वृद्धि काफी कम है। उनका दावा है कि इस बीच खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण, डीजल और अन्य कृषि आदानों की कीमतों में वृद्धि से खेती की लागत भी बढ़ी है।

लागत बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी…………

भारत कृषक समाज के अनुसार मध्यप्रदेश में गेहूं प्रमुख फसल है और प्रदेश की जलवायु एवं भूमि गेहूं की खेती के लिए अनुकूल होने के कारण बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती करते हैं। संगठन का कहना है कि बढ़ती लागत की तुलना में समर्थन मूल्य में मामूली वृद्धि किसानों के लिए चिंता का विषय है। संगठन ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया है तथा गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है।


कृषक समाज के के.के. अग्रवाल, रूपेंद्र पटेल, जे.आर. गायकवाड़, सुभाष चंद्रा, रामगोपाल पटेल, प्रमोद मरवाहा, रामकिशन पटेल, अविनाश राय, संजय जैन, अनिल चिले, डॉ. प्रकाश दुबे, व्ही.के. पंड्या, सी.एल. शर्मा, रमेश नवेरिया, रामेश्वर अवस्थी, सुशील जैन, योगेश पटेल, हरनारायण सिंह और मनीष सोनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने समर्थन मूल्य में पर्याप्त वृद्धि की मांग की।किसान सेवा संगठन से जुड़े जितेंद्र पटेल, सुरेश कुर्मी, महेंद्र पटेल, अंकित पटेल, रामदीन पटेल, मुकेश सिंह ठाकुर, पंचम हल्दकार, मनोज पटेल, मीतू शुक्ला, जुगल किशोर पटेल और सपना काछी सहित अन्य लोगों ने भी समर्थन मूल्य को लेकर किसानों की चिंता जताई।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि चुनाव के दौरान गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का वादा किया गया था। उनका कहना है कि वर्तमान समर्थन मूल्य उस दावे से कम है। उन्होंने किसानों से समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।