निगमीकरण के विरोध में आयुध कर्मियों ने मनाया काला दिवस

जबलपुर। केंद्र सरकार द्वारा 1 अक्टूबर 2021 को देश की आयुध निर्माणियों को निगमों में परिवर्तित किए जाने के विरोध में आयुध निर्माणी खमरिया के कर्मचारियों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑर्डनेंस एम्प्लॉईज के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने काले कपड़े एवं काला बैज पहनकर निगमीकरण का विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान एआईडीईएफ के संगठन मंत्री अर्नब दासगुप्ता और बीपीएमएस के राजेंद्र चराड़िया ने कहा कि देश की आयुध निर्माणियों का इतिहास 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है। इन निर्माणियों को निगम में परिवर्तित किए जाने का कर्मचारी संगठन लगातार विरोध करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगमीकरण के बाद भी कर्मचारी अपने अधिकारों और सरकारी सेवा व्यवस्था को लेकर लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि निगमीकरण के विरोध के परिणामस्वरूप सरकार ने कर्मचारियों को निगम अथवा सरकारी सेवा में बने रहने के लिए विकल्प देने का अवसर दिया था। संगठनों के अनुसार, देशभर में लगभग 99.9 प्रतिशत कर्मचारियों ने सरकारी व्यवस्था में बने रहने का विकल्प चुना है।

कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि आयुध निर्माणियों का पुनर्गठन किया जाए तथा उन्हें पूर्व की व्यवस्था के अनुरूप आयुध निर्माणी बोर्ड के अधीन कार्य करने का अवसर दिया जाए। इस दौरान एआईडीईएफ, बीपीएमएस, सीडीआरए, एआईएएनजीओ, एनडीएनजीएसए, आईओएफजीओए और एनडीजीबीजीओए से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।कार्यक्रम में राजेंद्र चराड़िया, अमित चौबे, अजय यादव, सुकेश दुबे, विवेक शर्मा, बीबी ओझा, रूपेश पाठक, प्रेमलाल, सत्येंद्र सिंह और डीसी पांडे सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।