रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में धारा-52 लागू होने के संकेत,

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक विवाद, वित्तीय अनियमितताओं के आरोप और शासन-राजभवन के बीच बढ़ती नाराजगी के बाद अब विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा-52 लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राजभवन की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हालात की गंभीर समीक्षा शुरू हो गई है।सूत्रों के अनुसार, यदि धारा-52 लागू होती है तो विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार शासन द्वारा नियुक्त प्रशासक के हाथों में चले जाएंगे। ऐसी स्थिति में कुलपति और विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के अधिकार भी सीमित हो सकते हैं।

पिछले घटनाक्रम ने बढ़ाई चिंता

विश्वविद्यालय पिछले कई महीनों से लगातार विवादों में रहा है। परीक्षा परिणामों में देरी, प्रशासनिक निर्णयों को लेकर उठे सवाल, वित्तीय मामलों पर शिकायतें और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर विभिन्न स्तरों पर आपत्तियां सामने आती रही हैं। इन घटनाओं के बाद राजभवन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और उच्च शिक्षा विभाग से विस्तृत प्रतिवेदन तलब किया।

बताया जा रहा है कि राजभवन ने विश्वविद्यालय में उत्पन्न परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इसी क्रम में धारा-52 लागू करने की प्रक्रिया पर विचार शुरू हुआ है।

क्या है धारा-52?

मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा-52 ऐसे मामलों में लागू की जाती है, जब किसी विश्वविद्यालय का प्रशासन अधिनियम के अनुरूप नहीं चल रहा हो या उसके संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएं। इस स्थिति में राज्य सरकार, राजभवन की प्रक्रिया के तहत विश्वविद्यालय का प्रशासन अपने नियंत्रण में लेकर प्रशासक नियुक्त कर सकती है, जो विश्वविद्यालय के संचालन की जिम्मेदारी संभालता है।

छात्रों और शिक्षकों की बढ़ी चिंता

धारा-52 लागू होने की चर्चाओं के बीच विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। उनका मानना है कि यदि प्रशासनिक हस्तक्षेप होता है तो लंबित शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आ सकती है, लेकिन साथ ही विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर भी सवाल उठेंगे।अब सभी की निगाहें राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि शासन धारा-52 लागू करने का निर्णय लेता है तो यह रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के इतिहास की महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई मानी जाएगी।