गूगल से डॉक्टर का नंबर सर्च करना पड़ा उड़ गए ₹1.50 लाख

जबलपुर। साइबर ठग अब गूगल पर सर्च किए जाने वाले मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। रांझी थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर का नंबर इंटरनेट से खोजकर कॉल करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। ठगों ने फर्जी टोकन के नाम पर एपीके (APK) फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर लिया और बैंक खाते से ₹1.50 लाख उड़ा दिए।रांझी पुलिस के अनुसार बापूनगर निवासी दीपक कुमार रजक ने शिकायत दर्ज कराई है कि 14 जुलाई को उनकी सास उमा रजक की तबीयत खराब होने पर उन्होंने गूगल से डॉ. परिमल स्वामी का नंबर खोजकर कॉल किया। पहली बार कॉल नहीं लगने पर दोबारा संपर्क किया तो दूसरी ओर से खुद को क्लीनिक का कर्मचारी बताते हुए कहा गया कि मरीजों की अधिक भीड़ है और टोकन जनरेट कराने के लिए पहले ₹5 का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

इसके बाद ठग ने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर फॉर्म भरने के लिए कहा। दीपक ने निर्देशानुसार फाइल खोलकर फॉर्म भर दिया, लेकिन भुगतान नहीं हो सका। फिर ₹50 का भुगतान करने को कहा गया, जो वह भी नहीं हो पाया। इसके बाद ठग ने कॉल समाप्त कर दी।

घटना के पांच दिन बाद, 19 जुलाई को दीपक के इंडियन बैंक खाते से दो ट्रांजैक्शन में ₹1.50 लाख निकल गए। आशंका है कि APK फाइल के जरिए मोबाइल हैक कर साइबर अपराधियों ने बैंकिंग जानकारी हासिल कर वारदात को अंजाम दिया।पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गूगल से मिले किसी भी नंबर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करें और किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल या लिंक को भूलकर भी डाउनलोड न करें, क्योंकि इससे मोबाइल और बैंक खाते की पूरी जानकारी साइबर ठगों के हाथ लग सकती है।